December 4, 2022

रा.ई.का. वज्यूल। के प्रवक्ता आलोक पांडे को राज्यपाल पुरुस्कार

( अर्जुन राणा बागेश्वर ) तरुश्री पुरस्कार प्राप्त स्व. पदम सिंह मेहता राजकीय इंटर काॅलेज वज्यूला के भौतिक विज्ञान के प्रवक्ता आलोक पांडे का चयन राज्यपाल पुरस्कार के लिए हुआ है। शैक्षिक गुणवत्ता बढ़ाने और शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने के लिए यह पुरस्कार दिया जाता है। शिक्षक दिवस पर पांच सितंबर को राज्यपाल बेवी रानी मार्य देहरादून में उन्हें पुरस्कार देगी। उनका चयन पुरस्कार के लिए होने पर विद्यालय परिवार और क्षेत्र के लोगों ने खुशी जताई है।
भौतिक विज्ञान के प्रवक्ता पांडे को घर से ही शिक्षक बनने की प्रेरणा मिली। उनकी माता मोहिनी पांडे 40 सालों से शिक्षा विभाग से जुड़ी हैं। पिता पीताबर पांडें सफल व्यवसाई हैं। उनकी पत्नी ममता पांडे भी प्रवक्ता पद पर तैनात हैं। उनकी पहली नियुक्ति राइंका सलानी में पांच नवबंर 2007 को गणित विषय के सहायक अध्यापक के रूप में हुई। इस दुर्गम विद्यालय में उन्होंने शिक्षा में सुधार और अधिकाधिक बच्चों को विद्यालय तक लाने के लिए सराहनीय कार्य किया। 30 अक्तूबर 2010 को उनकी तबादला राउमावि कोटफुलवाड़ी में हुआ। यहां भी उन्होंने गणित विषय की शिक्षा बच्चों को दी। इस दौरान चार साल तक उन्होंने प्रधानाध्यापक का प्रभार भी संभाला। इस विद्यालय में रहते हुए उन्होंने बच्चों को शिक्षा के साथ सामाजिक गतिविधियों से भी जोड़ा। छात्र-छात्राओं को उच्च शिक्षा हासिल करने और समाज के लिए कार्य करने को प्रेरित किया। मई 2016 में इनका स्थानांतरण राइंका वज्यूला के लिए हुआ। जहां वह भौतिक विज्ञान के प्रवक्ता के रुप में नियुक्त हुए। वर्तमान में वह इसी पद पर तैनात हैं।

विद्यालय के लिए किए गए उल्लेखनीय कार्यः
प्रवक्ता पांडे ने वज्यूला में कई उल्लेखनीय कार्य किए हैं। उनके प्रयास से ही काॅलेज में एनएसएस की इकाई की स्थापना हुई। उन्होंने छात्रों को साथ लेकर पर्यावरण संरक्षण के लिए उल्लेखनीय कार्य किया। काॅलेज की 25 नाली जमीन में पौधरोपण कराया। प्राकृतिक जल स्रोत नौले और धारों के संरक्षण और पुर्नजीवन के लिए प्रयास किए। जिसके चलतेे विद्यालय को साल 2017 का तरूश्री पुरस्कार भी प्राप्त हुआ है।

सामाजिक कार्यों में भी देते हैं योगदानः
शिक्षा के साथ सामाजिक गतिविधियों में भी राज्यपाल पुरस्कार के लिए चयनित पांडे की अहम भूमिका रहती है। उन्होंने स्वच्छता अभियान भागीरथी बचाओ का नेतृत्व किया। नगर के लोगों को साथ लेकर चला यह जिले का अब तक का सबसे बड़ा स्वच्छता अभियान है। इसके अलावा पौधारोपण, सर्व शिक्षा मिशन, मतदाता जागरुकता कार्यक्रम के साथ वह मजबूर और जरुरतमंदों की स्वयं के स्तर पर आर्थिक तौर पर मदद करते हैं। बालिकाओं शिक्षा को बढ़ाने के लिए भी लगातार प्रयासरत हैं।

रेडक्राॅस के सचिव का भी संभाल रहे पदभारः
प्रवक्ता पांडे रेडक्राॅस में सचिव की जिम्मेदारी भी संभाल रहे हैं। इस पद पर चुने गए वह पहले शिक्षक है। रेडक्राॅस के माध्यम से वह लंबे समय से रक्त पीड़ितों को रक्त उपलब्ध कराने के लिए कार्य कर रहे हैं। जिसके लिए वह वर्तमान में जिले के रक्तदाताओं की विवरणिका बनाने में भी जुटे हैं। सचिव बनने के बाद उन्होंने जिले के आठ विद्यालयों में जूनियर रेडक्राॅस के गठन का कार्य किया है। आपदा प्रभावितों को भी राहत सामग्री का वितरण भी वह सोसाइटी के माध्यम से करा रहे हैं।

प्रधानाचार्य ने बताया सबसे अनमोल तोहफाः
प्रवक्ता पांडे का चयन राज्यपाल पुरस्कार के लिए हुआ, उसी दिन काॅलेज के प्रधानाचार्य केसी पाठक भी सेवानिवृत्त हुए। उन्होंने इसे अपने जीवन का सबसे अनमोल तोहफा बताया। उन्होंने कहा कि पांडे ने शिक्षा के साथ बच्चों की बेहतरी के लिए सराहनीय कार्य किया है। वह गरीब बच्चों की समय-समय पर सहायताकरते हैं। उनके प्रयास से ही काॅलेज को तरुश्री पुरस्कार मिला। उन्होंने कहा कि ऐसे शिक्षकों के चलते ही सरकारी शिक्षा के प्रति लोगों का विश्वास बढ़ता है।

बधाईयों का तांताः
लोकप्रिय शिक्षक पांडे का चयन पुरस्कार के लिए होने के बाद से ही जिले के विभिन्न क्षेत्रों से बधाई देने का सिलसिला जारी है। विद्यालय परिवार ने भी उनकी उपलब्धि पर खुशी जताई। प्रभारी प्रधानााचर्य राजीव मिश्रा ने बताया कि पुरस्कार प्राप्त करने के बाद उन्हें विद्यालय में भी सम्मानित किया जाएगा। इस मौके पर ममता रानी, राजेश्वरी काकी, रघुवीर सिंह नेगी, हरीश फस्र्वाण, किशन सिंह सहित अन्य शिक्षकगण व कर्मचारी मौजूद रहे।

6,852 thoughts on “रा.ई.का. वज्यूल। के प्रवक्ता आलोक पांडे को राज्यपाल पुरुस्कार

  1. I am no longer sure the place you are getting your information, however great topic. I must spend a while studying much more or working out more. Thank you for excellent information I was looking for this info for my mission.

  2. Знаете ли вы?
    Первая председательница Верховного суда Татарии молчала по поводу своей службы в НКВД.
    Будущего чемпиона Европы по боксу в детстве одновременно дразнили «хохлом» и «москалём».
    Акадийка много раз становилась первой.
    Русские мечтали о шапке-невидимке, а древние греки — о кольце невидимости.
    Подруга и последовательница Льва Толстого уже в детстве ходила босиком и отвергала нарядную одежду.

    http://arbeca.net

  3. Купить права на сайте prava112 это: быстро, надежно и главное честно. Оформление прав не потребует много сил и времени, организация права112 все сделает за вас и останется всего лишь получить готовый документ. https://ko-fi.com/post/Купить-водительские-права-за-3-дня-официально-Y8Y16FG5X