April 23, 2026

संवेदना की मूर्ति शैलदीदी तूफान पीड़ितों का दुःख बाँटने ओडिशा रवाना

हरिद्वार, ( आखरीआंख )  दैवीय आपदा से पीड़ितों की सेवा-सुश्रुषा करने के लिए गायत्री परिवार सदैव अग्रणी रहता है। 2 मई को आये चक्रवाती तूफान फोनी ने ओडिशा राज्य के हजारों गाँवों के लाखोंलोगों का जीवन में भूचाल ला दिया है। ऐसे समय में संवेदना की नींव पर खड़ा अखिल विश्व गायत्री परिवार का मुखिया स्नेहसलिला शैलदीदी फोनी से पीड़ितों के दुःख दर्द बाँटनेआज ओडिशा रवाना हुईं। उनके साथ देवसंस्कृति विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति डॉ. चिन्मय पण्ड्या, शेफाली पण्ड्या भी हैं।
शैलदीदी ओडिशा के पुरी और खुरदा जिले का दौरा करेंगी और शांतिकुंज स्थित आपदा प्रबंधन विभाग के नेतृत्व में चल रहे कार्यों का निरीक्षण भी करेंगी। यहां बतातेचलें कि पिछले दो सप्ताह से गायत्री परिवार फोनी से पीड़ित परिवारों की सेवा-सुश्रुषा में जुटा है। शांतिकुंज का राहत दल भुवनेश्वर में बैस कैम्प बनाया है। जहाँ प्रातः से देर सायंतक निःशुल्क भोजनालय चलाया रहा है। इसके साथ ही चिकित्सकीय टीम द्वारा जरुरतमंदों लोगों की चिकित्सकीय परीक्षण कर दवाइयाँ उपलब्ध करायी जा रही है। शांतिकुंज सेखाद्य सामग्री से लेकर कपड़े, बर्तन आदि सामान लेकर एक ट्रक रवाना हुआ था, जो 12 मई को देर सायं बेस कैम्प पहुँच गया।
अखिल विश्व गायत्री परिवार प्रमुख डॉ. पण्ड्या ने कहा कि लोगों के घरों का पुनर्निर्माण इस आपदा का प्रमुख कार्य है। उन्होंने कहा कि पीड़ितों के 90 प्रतिशत घर मिट्टीया कच्चे मकान थे, जो पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। गायत्री परिवार 21 जिलों के 21 गाँव में सर्वे करके 6 से 7 गाँव को फिर से बसाने की दिशा में कार्य कर रहा है। इस कार्य हेतुमुख्य बेस कैंप भुवनेश्वर स्थित युग शक्ति गायत्री भवन को बनाया गया है। यहाँ एक आपदा प्रबंधन की कमेटी बनाई गयी है, जो गायत्री परिवार की आपदा राहत कार्य की व्यवस्थासंचालन एवं प्रबंधन का कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि दीर्घकालीन कार्य योजना में लगभग 5 से 10 गाँव को नए सिरे से बसाने, वहाँ सामुदायिक भवन बनाने एवं बच्चों कीशिक्षा को एक वर्ष तक मदद करने की योजना बनाई है। शांतिकुंज राहत दल का नेतृत्व कर रहे राकेश जायसवाल ने बताया कि चक्रवाती तूफान के कारण ओडिशा के विभिन्न जिलों में अखिल विश्व गायत्री परिवार शांतिकुंजहरिद्वार ने लघु एवं दीर्घकालीन राहत कार्य की योजना बनाई है। शांतिकुंज के शेषदेव बढ़ई, प्रदीप साहू सहित ओडिशा गायत्री परिवार के कई सौ नैष्ठिक कार्यकर्ता सतत सेवाकार्य में जुटे हैं।