January 30, 2026

राज्य में पर्यटन, फिल्म व पर्यावरण के क्षेत्र में अनेक ऐसी बाधाएं उत्पन्न हुईः शाह

 

देहरादून,  ( आखरीआंख )   पर्यावरण प्रबोधिनी डेवलपमेंट सोसायटी के अध्यक्ष सुहद सुदर्शन शाह ने कहा कि देवभूमि उत्तराखण्ड पर्यटन प्रदेश ही नहीं बल्कि विश्व में भी एब अपनी अलग पहचान रखता है। उत्तरखण्ड बनने के 19 वर्ष बाद भी यहाॅं के पर्यटन फिल्म व पर्यावरण के क्षेत्र में अनेक ऐसी बाधाएं उत्पन्न हुई हैं। जिससे इन क्षेत्रों का सुनियोजित ढंग से विकास नहीं हो पाया।
 उत्तरांचल प्रेस क्लब में आयोजित प्रेस वार्ता में उन्होंने कहा कि पर्यटन के क्षेत्र में उत्तराखण्ड सरकार सकारात्मक रूप से कार्य नहीं कर पा रही है। चूंकि अनेक योजनाएं संचालित होने के पश्चात भी धरातल पर समस्याओं का अंबार लगा हुआ है। उन्होंने कहा कि अवैध निर्माण तथा पार्किंग की समस्या एवं जनसंख्या वृद्वि की समस्या के कारण किसी भी शहर को पर्यटन की दृष्टि से सुरक्षा नही मिल पा रही है और ना ही पर्यटन विभाग इस क्षेत्र में कोई कार्य करने की योजना ही बना पा रहा है उन्होने कहा कि उत्तराखण्ड में अनुपम प्राकृतिक सौन्दर्य के होते हुए भी सरकार फिल्म व्यवसाय को बढ़ावा सुनियोजित ढंग से नही दे पा रही है फिल्म निति 2015 के घोषित होने के पश्चात फिल्म विकास परिषद का गठन हुआ था तथा फिल्म के क्षेत्र में कई कार्य प्रारम्भ हो चुके थे। उन्होने कहा कि फिल्म फैसीलीटेंशन सेन्टर की स्थापना हेतु फिल्म विकास परिषद द्वारा लाखों रूपया खर्च करने के पश्चात प्रबल संस्तुति दी जा चुकी है तथा सीएम उत्तराखण्ड द्वारा सहमति के पश्चात भूमि के हस्तान्तरण की कार्यवाही की जानी है जो कि एक लम्बे अन्तराल से आज भी लम्बित है। सुहद सुदर्शन शाह ने कहा कि उत्तराखण्ड सरकार की शिथिलता के कारण हजारों फिल्म प्रेमी एवं कलाकारों में राष व्याप्त हो रहा है। तथा सरकार के प्रति इस नकारात्मक रवैये के कारण उदासीनता का माहौल बना है सरकार को इस सम्बन्ध मे व्वरित वार्ता कर कार्यवाही की जानी अतिआवश्यक है।

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