प्रशासन के बाद वन विभाग ने भी बिल्डर पर शुरू की चालानी कर्रवाई
अल्मोड़ा। रानीखेत तहसील के डीडा द्वारसों में अवैध खनन करने वाले बिल्डर के खिलाफ प्रशासन के बाद अब वन विभाग ने भी चालान की कार्रवाई शुरू कर दी है। वन विभाग ने पेड़ों के अवैध कटान मामले की जांच पूरी करने के बाद रिपोर्ट वन संरक्षक को भेज दी है। आरोप है कि बिल्डर ने खुदान के दौरान चीड़ के 15 हरे पेड़ अवैध तरीके से धराशायी कर डाले थे। गत 22 जनवरी को डीडा द्वारसों में एक बिल्डर द्वारा किसी अन्य की नाप भूमि पर अवैध खनन करने के साथ पेड़ों को भी अवैध तरीके से काटे जाने सूचना प्रशासन को मिली थी। जिसके बाद संयुक्त मजिस्ट्रेट जय किशन के निर्देश पर राजस्व टीम के साथ मौके पर पहुंचे नायब तहसीलदार ने अवैध खनन में लगी जेसीबी को सीज कर दिया। बिना अनुमति जेसीबी से अवैध खनन पर प्रशासन ने बिल्डर राजेश रावत का दो लाख का चालान काटा था। वहीं, वन विभाग की टीम ने भी मौके पर पहुंचकर पेड़ों के अवैध कटान की पड़ताल शुरू की। वन क्षेत्राधिकारी रानीखेत तापस मिश्रा ने बताया कि जांच में चीड़ के छोटे-बड़े कुल 15 पेड़ों को अवैध तरीके से काटे जाने की पुष्टि हुई है। उन्होंने कहा कि जांच रिपोर्ट वन संरक्षक को भेजने के साथ बिल्डर के खिलाफ जुर्माने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
