कोई सुनवाई नही कर रहा मोदी ऐप
बागेश्वर ( आखरीआंख समाचार ) गांव गरीब महिला उत्थान मंच ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एप पर 11 सूत्रीय शिकायतें भेजी लेकिन उन पर कोई सुनवाई नहीं हो सकी है। जिससे मंच में भारी रोष है और अब आंदोलन की चेतावनी दी है।
मंच के अध्यक्ष विशन सिह टंगड़यिा की अध्यक्षता में गड़िया तोक गांव में बैठक आयोजित की गई। वक्ताओं ने कहा कि मंच लगातार जनहित के मुद्दों को उठाता रहा है। वर्तमान में समाज में कई तरह की विषमताएं और समस्याएं हैं। जिनके निदान के लिए मंच ने प्रधानमंत्री के एप में शिकायत की लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो सकी है। वक्ताओं ने कहा कि देश का कर्मचारी और अधिकारी पांच साल भारतीय सेना में सेवा दे जिसके बाद ही उसे सिविल सेवा में काम करने की अनुमति दी जाए। चुनाव लड़ने के लिए जनप्रतिनिधि की उम्र सीमा 35 से 60 साल के बीच हो और जिससे वंशवाद, परिवारवाद कम होगा। ग्राम पंचायत में वार्ड मेंबरों को भी विकास कार्य करने का अधिकार दिया जाए। उत्तराखंड में बीपीएल, अंत्योदय, गरीब परिवारों को जाति, धर्म से उठकर आथर््िाक आधार पर आरक्षण दिया जाए। प्रत्येक विभाग के कर्मचारियों की डेली रिपोर्ट विभागाध्यक्ष द्वारा जिलाधिकारी के माध्यम से राज्य और केंद्र सरकारों को भेजी जाए और तीन साल से एक ही स्थान पर डटे कर्मचारियों का नियमित तबादला किया जाए। जिससे काम में पारर्दिशता आएगी। संविदा एवं एनजीओ से कर्मचारियों की नियुक्ति पर रोक लगाई जाए और भ्रष्टाचार को रोकने में मदद मिलेगी। लोनिवि, सिचाई, आरइएस, जिला पंचायत, विकास खंड, ग्राम पंचायत समेत सभी कार्यदायी संस्थाओं में एक समान मानक के अनुसार कार्य होने चाहिए। गांव और शहरों में परिसम्मपत्तियों पर मनमाने तरीके से हो रहे अवैध कब्जे रोके जाए, भ्रष्टाचार रोकने के लिए प्रत्येक जिले में एसआइटी का गठन और पूर्व में लिए गए सूचना अधिकारों की जांच की जाए। बैठक में धन सिह डयाराकोटी, विशन सिह भंडारी, कमला टंगड़यिा, गंगा दत्त जोशी, मोहन सिह डयाराकोटी आदि मौजूद थे।
