August 11, 2026

नौलों, धारों और नदियों के संरक्षण समय की जरूरत : डीएम


बागेश्वर ।  जिलाधिकारी आशीष भटगांई ने शुक्रवार को जिला कार्यालय में स्प्रिंगशेड एंड रिवर रिजुवेनेशन अथॉरिटी की बैठक ली। इसमें उन्होंने जल संरक्षण और संवर्धन के लिए सभी संबंधित विभागों को समन्वित और वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पारंपरिक जल स्रोत जैसे नौले-धारे और नदियों का संरक्षण और पुनर्जीवन समय की आवश्यकता है। इस दिशा में ठोस और दीर्घकालिक कार्ययोजना बनाई जाए, जिसमें इंटरनल मेकैनिज्म विकसित करते हुए वैज्ञानिक पद्धति को अपनाया जाए। जिलाधिकारी ने वर्षा जल के संग्रहण और संरक्षण हेतु विभागीय स्तर पर लक्ष्य निर्धारित करने तथा सघन वृक्षारोपण, खंती, चाल-खाल, चेक डैम और अन्य जल संग्रहण संरचनाओं के निर्माण की विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कृषि, उद्यान, सिंचाई, लघु सिंचाई, जल संस्थान, जल निगम सहित सभी विभागों को परस्पर समन्वय से कार्य करने को कहा। साथ ही निर्देश दिए कि जल संरक्षण अभियानों में स्वयंसेवी संस्थाओं और स्थानीय समुदाय की भागीदारी सुनिश्चित की जाए तथा उनके सुझावों को ध्यान में रखते हुए क्षेत्र विशेष की आवश्यकताओं के अनुरूप योजनाओं का क्रियान्वयन किया जाए।