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October 17, 2026

सरकार ने पंचायती राज्य व्यवस्था की धज्जियां उड़ाई : हरीश रावत


देहरादून ।   पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि सरकार ने पंचायत चुनावों के दौरान जमकर पंचायती राज व्यवस्थाओं की धज्जियां उड़ाई। पंचायत चुनावों में की गई धांधली को जनता की अदालत में ले जाने के लिए वो सितंबर में न्याय यात्रा शुरू करेंगे। शनिवार को कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में मीडिया कर्मियों से बातचीत में रावत ने कहा कि इन चुनावों में हर स्तर पर लोकतंत्र की हत्या की गई। कांग्रेस का संगठन भी चुनावों में गड़बड़ी के खिलाफ निर्णायक जंग छेड़ने जा रहा है। इसके तहत दून और नैनीताल में बड़े प्रदर्शन किए जाएंगे। रावत ने कहा कि सरकार ने पहले पंचायत चुनाव से बचने का हर संभव प्रयास किया। जब हाईकोर्ट के रुख को देखते हुए चुनाव कराने ही पड़ गए तो पहले ही दिन से चुनावों में षड़यंत्र का कुचक्र रचा गया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने इसकी शंका जाहिर की थी और अब यह बात साबित हो गई है। उन्होंने कहा कि जिस तरह से पहले बड़ी संख्या में लोगों के नामांकन रद्द कराए गए। फिर दोहरी वोटर लिस्ट वालों को राहत देने के लिए आदेश निकाला गया और बाद में कुचक्र रचकर कम से कम चार जिलों में जिला पंचायत अध्यक्ष का आरक्षण नियमों के विपरीत तय कर दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में कई स्थानों पर पुलिस और प्रशासन के बल पर चुने हुए जनप्रतिनिधियों का अपहरण कर परिणाम जबरदस्ती अपने पक्ष में कराए गए। हरीश रावत ने दावा किया कि चुनावों में भाजपा के मंत्री, विधायक और नेताओं के 40 के करीब रिश्तेदार हारे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य की जनता ने 25 सालों में पहली बार खुलेआम गुंडागर्दी और अपहरण के बल पर पंचायत चुनावों में लूट होते देखी है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सुनियोजित तरीके से सभी संस्थाओं पर कब्जा कर उन्हें नष्ट कर रही है। कांग्र्रेस इसे किसी सूरत में बर्दास्त नहीं करेगी।

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