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October 11, 2026

नैनीताल जिपं सदस्य अपहरण: आधा दर्जन से अधिक पुलिस कर्मियों पर गाज, दो सस्‍पेंड और तीन लाइन हाजिर


नैनीताल । शहर में जिला पंचायत अध्यक्ष उपाध्यक्ष चुनाव के दौरान पांच सदस्यों के अपहरण मामले में पुलिस के आधा दर्जन से अधिक अधिकारियों व कर्मियों पर गाज गिरी है। मामले में दो कर्मियों को निलंबित करने के साथ ही सीओ व एसओ तल्लीताल का स्थानांतरण कर दिया गया है।  तीन कर्मियों को लाइन हाजिर कर मौके पर तैनात पीएसी कर्मियों पर कार्रवाई को लेकर संस्तुति पीएसी मुख्यालय भेजी गई है। पुलिस का दावा है कि मामले की चरणबद्ध तरीके से जांच की जा रही है। विशेष टीमों को लगाकर आरोपितों की धरपकड़ को दबिश दी जा रही है। मामले में रेनकोट गैंग हो या किसी भी राजनैतिक दल का संलिप्त व्यक्ति उसके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जा रही है। गुरूवार को एसएसपी प्रहलाद नारायण मीणा ने पुलिस लाइन में पत्रकार वार्ता में चुनाव के दौरान बिगड़ी कानून व्यवस्था को लेकर कुछ लोगों की वजह से विभाग की छवि खराब होने वाला कृत्य बताया। कहा कि मामला कोर्ट में विचाराधीन होने के कारण बीते आठ दिनों से कोई अधिकारी व कर्मी इसकों लेकर स्पष्ट बयान नहीं दे पाया। कानून व्यवस्था बनाये रखने व अपहरण प्रकरण में संलिप्त लोगों को चिह्नित कर उनके विरुद्ध कार्रवाई करने को पुलिस प्रतिबद्ध है। मामले में लापरवाही सामने आने पर चुनाव की पूर्व रात्रि में रात्रि अधिकारी एएसआई उदय सिंह राणा को निलंबित कर दिया गया है। सीओ प्रमोद साह का आईआरबी देहरादून व तल्लीताल एसओ रमेश सिंह बोहरा को अल्मोड़ा स्थानांतरित किया गया है।
इसके अलावा बवाल के दौरान मूकदर्शक बनकर खड़े एक कांस्टेबल अमित चौहान को निलंबित कर दिया गया है। जिला पंचायत रोड में बैरिकेडिंग पर ड्यूटी दे रहे एक कांस्टेबल, एक महिला कांस्टेबल व एक अग्निशमन कर्मी को लाइन हाजिर किया गया है। बैरिकेडिंग पर अन्य तैनात पीएसी कर्मी थे, जिन पर कार्रवाई को लेकर पीएसी मुख्यालय से पत्राचार किया गया है।
चरणबद्ध तरीके से कर रहे कार्रवाई:    एसएसपी ने बताया कि पूरे घटनाक्रम को लेकर रोज नई-नई जानकारी सामने आ रही है। मामले में तल्लीताल थाने में छह मुकदमे दर्ज किये गए है। जिनके वादी को बयान करवाने के साथ ही अन्य विभागीय जांच की जा रही है। मामले की एक जांच एसपी जगदीश चंद्रा को भी सौपी गई है। घटना को लेकर मिल रहे वीडियो से आरोपितों की पहचान कर सूचीबद्ध किया जा रहा है।
गिरफ्तारी की धाराओं के अधीन आने वाले आरोपितों की धरपकड़ के लिए टीमें दबिश दे रही है। उन्होंने मामले को लेकर किसी भी व्यक्ति के पास वीडियो व अन्य सामग्री होने पर पुलिस को उपलब्ध कराने की अपील की है। घटना किस वजह से हुई, कौन कौन संलिप्त था, संदिग्ध लोगों के पूर्व में क्या-क्या आपराधिक रिकार्ड था, हर कोण से जांच की जा रही है।

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