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October 13, 2026

यूरेशियन गौरेया से लेकर रूडी शेडलक लाखों मील चलकर आते हैं आसन


विकासनगर ।  आसन नमभूमि क्षेत्र में आने वाले प्रवासी परिंदे लाखों किमी की दूरी तय कर के आसन झील और आसपास के क्षेत्रों में अपना डेरा डालते हैं। यहां आने वाले हर प्रवासी परिंदों की अपनी खास विशेषता है, जिन पर अध्ययन करने के लिए इन दिनों पक्षी विशेषज्ञ और प्रेमी भी यहां बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं।
ये परिंदे आते हैं बड़ी संख्या में:  
ब्लू टेल्ड बी ईटर:  चकराता वन प्रभाग के पक्षी विशेषज्ञ प्रदीप सक्सैना ने बताया कि ब्लू टेल्ड बी ईटर एक प्रवासी पक्षी है, जो प्रायद्वीपीय भारत में मौसमी रूप से पाया जाता है। रेतीले किनारों या खुले समतल क्षेत्रों में यह ज्यादा पाया जाता है। यह पक्षी भूमिगत घोंसला बनाता है और मुख्य रूप से भारतीय मधुमक्खियों, ततैया को अपना भोजन बनाता है।
रूडी शेल्डक:   रूडी शेल्डक को ब्राह्मणी बतख के रूप में भी जाना जाता है। एक अत्यधिक प्रवासी पक्षी है, जो भारतीय उपमहाद्वीप के बैक वाटर और आर्द्र भूमि में सर्दियों में रहता है। ये पक्षी दक्षिण-पूर्वी यूरोप से भारत आते हैं। –
यूरेशियन गौरैया:   यूरेशियन स्पैरोहॉक रैप्टर प्रजाति के पक्षी हैं, जो सर्दियों के दौरान आसन में प्रवास करते हैं। इस पक्षी पर अभी तक बहुत कम शोध हुए हैं।
कंघी बतख:   कॉम्ब डक बड़ा पक्षी है, जो ज्यादातर महाद्वीपीय दक्षिण अमेरिका में उष्णकटिबंधीय आर्द्र भूमि में पाया जाता है। पूर्वी पराग्वे में पराग्वे नदी क्षेत्र में पाया जाता है, जो हर साल आसन झील में प्रवास पर आता है।
ब्लैक टेल्ड गॉडविट:    ब्लैक-टेल्ड गॉडविट एक बड़ी, लंबी टांगों वाला, लंबी-चोंच वाला शोरबर्ड पक्षी है, जो पहली बार 1758 में कार्ल लिनिअस द्वारा वर्णित किया गया था। यह पक्षी भी हर साल आसन नमभूमि में प्रवास पर आता है।

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