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October 12, 2026

सुमित्रानंदन पंत स्मृति एवं लोक संरक्षण समिति का गठन, बबलू नेगी बने अध्यक्ष

बागेश्वर ।  महान हिंदी साहित्यकार और प्रकृति के सुकुमार कवि सुमित्रानंदन पंत की जयंती के अवसर पर बुधवार को कौसानी स्थित श्रीमद्भगवत गीता भवन के कैप्टन दौलत सिंह महरा व्याख्यान कक्ष में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में क्षेत्र के ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने भाग लिया। बैठक की शुरुआत पूर्व मुख्यमंत्री मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) भुवन चंद्र खंडूरी को दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि देने के साथ हुई। इसके बाद सर्वसम्मति से “सुमित्रानंदन पंत स्मृति एवं लोक संरक्षण समिति” का गठन किया गया। समिति के अध्यक्ष पद पर जिला पंचायत सदस्य बलवंत सिंह नेगी, उपाध्यक्ष पद पर पूर्व प्रधान बच्चन आर्य, सचिव पद पर डॉ. महेंद्र सिंह महरा ‘मधु’, कोषाध्यक्ष पद पर चंद्रेश सिंह बिष्ट तथा उप सचिव पद पर रविंद्र सिंह का चयन किया गया। महिला उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी निर्मला महरा को सौंपी गई। वहीं कृष्ण कुमार सिंह महरा, अनुल कुमार सिंह महरा और पंकज सिंह को सदस्य बनाया गया। बैठक में वक्ताओं ने कहा कि कौसानी केवल प्राकृतिक सौंदर्य का केंद्र नहीं, बल्कि हिंदी साहित्य और लोक संस्कृति की महत्वपूर्ण धरोहर भी है। इस विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए संगठित प्रयास जरूरी हैं। बैठक में यह निर्णय लिया गया कि समिति प्रतिवर्ष 20 मई को कौसानी की पहली कुमाऊंनी कवयित्री देवकी महरा और साहित्यकार यमुना दत्त वैष्णव ‘अशोक’ के नाम पर पुरस्कार प्रदान करेगी। साथ ही कौसानी में एक भव्य लोक भवन के निर्माण के लिए प्रयास किए जाएंगे, जिसमें थिएटर, आर्ट गैलरी और लोक व हिंदी साहित्य के संरक्षण से जुड़ी गतिविधियां संचालित की जा सकें। बैठक में अतुल सिंह महरा, कमल सिंह नेगी, हरिविनोद सिंह महरा, कमल कोरंगा, पूरन सिंह रावत, भुवन सिंह भंडारी, पंकज गिरी, सुमित गोस्वामी, पवन सिंह महरा सहित कई लोग मौजूद रहे।

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