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October 18, 2026

बागेश्वर में लम्पी को लेकर अलर्ट, 52,234 गोवंशीय पशुओं का टीकाकरण


ऊधमसिंह नगर व नैनीताल में लक्षण मिलने के बाद एहतियात बढ़ी, बाहरी जिलों से गोवंशीय-महिषवंशीय पशुओं की आवाजाही पर रोक
पशुपालकों को सतर्क रहने की अपील, दाने-गांठ और सूजन दिखे तो तुरंत पशु चिकित्सक को दें सूचना
बागेश्वर। पड़ोसी जनपदों ऊधमसिंह नगर और नैनीताल में लम्पी स्किन डिजीज जैसे लक्षण सामने आने के बाद बागेश्वर में पशुधन की सुरक्षा को लेकर प्रशासन और पशुपालन विभाग ने सतर्कता बढ़ा दी है। संभावित संक्रमण को जिले में प्रवेश करने से रोकने के लिए बड़े स्तर पर टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है। अब तक 52,234 गोवंशीय पशुओं का टीकाकरण किया जा चुका है। राहत की बात यह है कि फिलहाल जिले में किसी भी पशु में लम्पी स्किन डिजीज के लक्षण नहीं पाए गए हैं।
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. केके जोशी ने बताया कि जिले में पशुओं की लगातार निगरानी की जा रही है। बाहरी जनपदों में बीमारी जैसे लक्षण सामने आने के बाद एहतियाती कदमों को और प्रभावी किया गया है। प्रशासन का फोकस बीमारी की रोकथाम के साथ-साथ पशुपालकों को जागरूक करने और समय पर संदिग्ध मामलों की पहचान करने पर है।
आवागमन पर रोक, संक्रमण रोकने की कवायद
संक्रमण की आशंका को देखते हुए जनपद के बाहर से गोवंशीय एवं महिषवंशीय पशुओं के आवागमन पर रोक लागू की गई है। प्रशासन का मानना है कि बाहरी क्षेत्रों से पशुओं की आवाजाही नियंत्रित करने से संभावित संक्रमण के जिले में पहुंचने की आशंका को कम किया जा सकता है।
पशुपालन विभाग की ओर से पशुपालकों को भी बाहरी क्षेत्रों से पशुओं को लाने-ले जाने में सावधानी बरतने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने को कहा गया है।
मच्छर-मक्खी से फैल सकता है संक्रमण
लम्पी स्किन डिजीज में संक्रमित पशु के शरीर पर दाने, गांठें और सूजन जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। पशु चिकित्साधिकारियों के अनुसार यह बीमारी मुख्य रूप से मच्छर, मक्खी और अन्य काटने वाले कीटों के माध्यम से फैल सकती है। ऐसे में पशुओं के आसपास स्वच्छता बनाए रखना और कीटों पर नियंत्रण करना बेहद जरूरी है।
विभाग ने पशुपालकों से पशुओं के रहने वाले स्थानों की नियमित साफ-सफाई करने, आसपास धुआं करने तथा किलनी समेत अन्य बाह्य परजीवियों की रोकथाम के लिए पशु चिकित्सकों की सलाह से आवश्यक दवाओं का इस्तेमाल करने की अपील की है।
एक भी संदिग्ध लक्षण दिखे तो तुरंत सूचना दें
पशुपालकों से कहा गया है कि वे अपने पशुओं के स्वास्थ्य पर नियमित नजर रखें। शरीर पर असामान्य दाने, गांठ, सूजन या बीमारी से जुड़े अन्य लक्षण दिखाई देने पर पशु को खुले में अन्य पशुओं के बीच रखने के बजाय तुरंत निकटतम पशु चिकित्सालय या पशु चिकित्सा अधिकारी को सूचना दें।
विभाग का कहना है कि बीमारी की स्थिति में समय पर सूचना और उपचार संक्रमण की रोकथाम में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
टीकाकरण और निगरानी पर पूरा जोर
जिला प्रशासन और पशुपालन विभाग की ओर से फिलहाल टीकाकरण, पशुओं के आवागमन पर नियंत्रण और जागरूकता अभियान को प्राथमिकता दी जा रही है। विभागीय स्तर पर पशुपालकों को बीमारी के लक्षण और बचाव के उपाय बताए जा रहे हैं।
प्रशासन की ओर से स्पष्ट किया गया है कि वर्तमान में बागेश्वर में स्थिति सामान्य है और किसी भी पशु में लम्पी स्किन डिजीज के लक्षण नहीं मिले हैं। इसके बावजूद पड़ोसी जनपदों की स्थिति को देखते हुए निगरानी में किसी तरह की ढिलाई नहीं बरती जा रही है।
52,234 पशुओं का टीकाकरण पूरा होने के बाद अब विभाग की नजर शेष पशुधन को सुरक्षा कवच देने और संभावित संक्रमण पर पैनी निगाह रखने पर है। अधिकारियों का कहना है कि पशुपालकों की सजगता और विभागीय निगरानी के समन्वय से बीमारी को जिले में फैलने से रोका जा सकता है।

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