महिलाओं के कठिन संघर्ष की कहानी बयां करती है फिल्म ‘घस्यारी’
देहरादून । मां शक्ति पिक्चर्स के बैनर तले नई उत्तराखंडी फिल्म ‘घस्यारी’ का पोस्टर बुधवार को प्रेस क्लब में जारी किया। यह फिल्म 23 अक्तूबर से मोहकमपुर स्थित मॉल ऑफ देहरादून के पीवीआर मल्टीप्लेक्स और दिल्ली एनसीआर के सिनेमाघरों में दिखाई जाएगी।बुधवार को फिल्म के सम्बंध में हुई प्रेसवार्ता में निर्मात्री परिणिता और निर्देशक सुनील बडोनी ने बताया कि ‘घस्यारी’ उत्तराखंड के पहाड़ों में रहने वाली महिलाओं के कठिन और संघर्षपूर्ण दैनिक जीवन पर आधारित फिल्म है। सुबह से शाम तक उनका जीवन कभी न खत्म होने वाले संघर्षों से भरा होता है। हर सुबह वह मवेशियों के लिए चारा और रसोई के लिए जलाऊ लकड़ी एकत्र करने जंगल जाती हैं।इसके बाद खेतों में घंटों कड़ी मशक्कत करती हैं। अपने परिवार की देखभाल की अनगिनत जिम्मेदारियां पूरी करती हैं। जंगल में तेंदुए और भालु जैसे जंगली जानवरों से आमने सामने संघर्ष, घास काटते हुए पेड़ों, पहाड़ियों से गिरने का डर, समय पर चिकित्सा सुविधा न मिलने से असमय मौत, जिसके बावजूद वह अपनी जिम्मेदारियों को निभाती आ रही हैं। पहाड़ों में घोस्ट विलेज होने से रोकने में पहाड़ी महिलाएं ही चट्टान की तरह खड़ी हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह फिल्म दर्शकों को भावुक करेगी और उनके संघर्ष की कहानियों को साझा करने का माध्यम बनेगी। बडोनी दम्पत्ति इससे पहले कारा-एक प्रथा जैसी सामाजिक फिल्म भी बना चुके हैं। मौके पर फिल्म के नायक शुभ चंद्रा, सृष्टि रावत, रमेश रावत, अमित वी कपूर, दिनेश बौड़ाई, राजेश जोशी, रमेश नौडियाल मौजूद रहे।
