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October 30, 2026

अल्मोड़ा लिटरेचर फेस्टिवल का आगाज, साहित्य और संस्कृति के रंग में रंगा शहर


अल्मोड़ा।   ऐतिहासिक, साहित्यिक और सांस्कृतिक विरासत को नई पहचान देने के उद्देश्य से शुक्रवार को अल्मोड़ा लिटरेचर फेस्टिवल का भव्य शुभारंभ हुआ। महोत्सव में देश-विदेश के नीति-निर्माता, विद्वान, साहित्यकार और अन्य अतिथि कुमाऊं की विरासत, इतिहास और संस्कृति पर विचार-विमर्श के लिए जुटे हैं। उद्घाटन समारोह में कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। महोत्सव की शुरुआत नटराज डांस एकेडमी की ओर से प्रस्तुत शास्त्रीय नृत्य से हुई। इसके बाद आयुक्त दीपक रावत ने दीप प्रज्ज्वलित कर महोत्सव का औपचारिक उद्घाटन किया। समारोह में विधायक मनोज तिवारी, मेयर अजय वर्मा, पूर्व दर्जा राज्य मंत्री गंगा बिष्ट और बिट्टू कर्नाटक, सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी इंदु कुमार पांडेय, नगरपालिका के पूर्व अध्यक्ष प्रकाश जोशी, एसएसजे विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. प्रवीण बिष्ट और अरुण वर्मा विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे। महोत्सव की अध्यक्ष डॉ. वसुधा पंत ने स्वागत संबोधन में अतिथियों का अभिनंदन करते हुए मानसखंड की पंक्तियों का पाठ किया। उन्होंने अल्मोड़ा के शैक्षिक और बौद्धिक विकास की ऐतिहासिक यात्रा पर प्रकाश डाला। मुख्य अतिथि दीपक रावत ने पर्वतीय क्षेत्रों और लेखन के संबंध पर विचार रखते हुए कहा कि अल्मोड़ा जैसे हिमालयी स्थान लेखन और चिंतन के लिए अनुकूल वातावरण प्रदान करते हैं। उन्होंने लेखिका अनुराधा रॉय की पुस्तक ‘कॉल्ड बाय द हिल्स’ का संदर्भ देते हुए पर्वतीय क्षेत्रों की शांति और एकांत को लेखन के लिए उपयोगी बताया। उन्होंने युवा शोधकर्ताओं को रामचंद्र गुहा की पुस्तक ‘द अनक्वाइट वुड्स’, अल्मोड़ा गजेटियर और हिमालय की औपनिवेशिक वन नीति से संबंधित साहित्य पढ़ने की सलाह दी। आयुक्त ने युवाओं से सोशल मीडिया और तकनीकी बदलावों के दौर में करियर के नए विकल्प तलाशने का आह्वान किया। पर्यावरण संरक्षण पर उन्होंने कहा कि हिमालय को बचाने के लिए छोटे और व्यावहारिक कदम उठाने की जरूरत है, जिन्हें आम लोग भी आसानी से अपना सकें। महोत्सव के दौरान विभिन्न पैनल चर्चाएं, पुस्तक विमोचन और संवादात्मक सत्र आयोजित किए जाएंगे। यह आयोजन सप्ताहांत तक जारी रहेगा।

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