Advertisement
Advertisement
Advertisement
October 22, 2026

आढ़ती को लूटने वाले बदमाश गिरफ्तार, पूर्व कर्मचारी निकला घटना का मास्टर माइण्ड

हरिद्वार,  ( आखरीआंख ) आढ़ती सचिन अग्रवाल के साथ 1 मई को हुई लूट की घटना का खुलासा करते हुए पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। सचिन अग्रवाल के पूर्व कर्मचारी ने ही अपने साथियों के साथ मिलकर घटना को अंजाम दिया था। आरोपियों के कब्जे से पुलिस ने 3 लाख 11 हजार की नकदी, दो चाकू व घटना में प्रयुक्त स्कूटर भी बरामद किया है। गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपी स्थानीय हैं तथा ज्वालापुर के रहने वाले हैं।
ज्वालापुर कोतवाली में पत्रकारों को जानकारी देते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जनमेजय खण्डूरी ने बताया कि 1 मई को वसूली कर लौटे आढ़ती सचिन अग्रवाल से उनके हरिलोक कालोनी स्थित घर के सामने ही स्कूटी सवार तीन लोग रूपयों से भरा बैग लूटकर फरार हो गए थे। घटना के खुलासे तथा आरोपियों की गिरफ्तार के लिए पुलिस टीम का गठन किया गया था। आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास में लगी पुलिस टीम ने मुखबिर से सूचना मिली कि जिन व्यक्तियों ने हरिलोक कॉलोनी में लूट की घटना को अन्जाम दिया है। वह तीनों लोग किसी बडी घटना को अन्जाम देने के लिये नहर पटरी से बहादराबाद की तरफ जा रहे हैं। सूचना पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने रेगुलेटर पुल के दोनों किनारों पर वाहन चैंकिग शुरू कर दी। चेकिंग के दौरान स्कूटी पर सवार होकर आ रहे तीन लोग पुलिस बल को देख वापस मुडने का प्रयास करने लगे। लेकिन पुलिसकर्मियों ने भागने का प्रयास कर रहे तीनों व्यक्तियों को वहीं दबोच लिया। पूछताछ में उन्होंने अपने नाम मो.फाजिल, जुबेर व आमिर हुसैन बताए। तलाशी लेने पर मौ. फाजिल से 50 हजार रूपये नकद व एक अदद चाकू, जुबेर से 50 हजार रूपये नकद व एक अदद चाकू तथा  आमिर हुसैन से 50 हजार रूप्ये नकद बरामद हुये। इसके अलावा स्कूटी की डिग्गी से बरामद हुए एक बैग से पीएनबी बैंक की एक पास बुक, आईसीआईसीआई बैंक की एक चेक बुक तथा बैग में सचिन फर्म की एक मोहर व 1,61000 रूपये बरामद हुए। पूछताछ में तीनों ने घटना में अपनी संलिप्तता कबूल करते हुए बताया कि उन्होंने ही लूट की घटना को अंजाम दिया था। घटना के मास्टर माइण्ड मौ.फाजिल ने बताया कि दो वर्ष पूर्व वह सचिन अग्रवाल के यहॉ नौकरी करता था तथा उसके साथ पैसे वसूली का कार्य भी करता था। उसे सचिन अग्रवाल की प्रत्येक गतिविधि की जानकारी थी। साथ ही यह भी पता था कि सचिन अग्रवाल के पास रोजाना वसूली के 3 लाख से 4 लाख रूपये होते हैं। उसने अपने दोनों साथियों को सभी जानकारियां उपलब्ध कराकर उनके साथ मिलकर लूट को अंजाम दिया।
Advertisement