जखेड़ा-सलानी मोटरमार्ग का डामर एक साल में ही उखड़ा
बागेश्वर गरुड़, ( आखरीआंख ) लाहुर घाटी के जखेड़ा-सलानी मोटरमार्ग का डामर एक साल के भीतर ही उखड़ गया। जिससे सड़क खस्ताहाल हो गई है। आलम यह है कि विभाग ने इस सड़क पर वाहनों का दौड़ना व लोगों का पैदल चलना मुश्किल हो गया है। जिससे ग्रामीणों में विभाग के प्रति तीव्र आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों ने शीघ्र सड़क दुरस्त न करने पर आंदोलन करने की चेतावनी दी है। आपदा की दृष्टि से बेहद संवेदनशील लाहुर घाटी के जखेड़ा-सलानी मोटरमार्ग में पीएमजीएसवाइ ने एक साल पूर्व ही डामरीकरण किया था। गुणवत्ता के अभाव में अब यह सड़क खड़ंजे में तब्दील हो गई है। लाहुर घाटी विकास मंच के अध्यक्ष व जखेड़ा के प्रधान ईश्वर सिंह परिहार ने बताया कि विभाग ने सड़क किनारे बिना नाली निर्माण के ही डामरीकरण कर दिया। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों ने तब इसका पुरजोर विरोध किया था, लेकिन विभाग ने उनकी एक नहीं सुनी। उन्होंने बताया कि इस संबंध में कई बार उन्होंने विभाग से सड़क को दुरस्त करने व नाली निर्माण करने को कहा, लेकिन विभाग ने केवल आश्वासन दिए। अभी तक सड़क दुरस्त नहीं हुई। बरसात के सीजन में इस सड़क पर चलना अब मुश्किल हो गया है। आए दिन वाहनों को खतरा बना रहता है। लाहुर घाटी हमेशा आपदाओं के मुहाने पर रहती है। यदि बरसात में कोई आपदा घटित हो गई तो इस उबड़-खाबड़ सड़क से कैसे वाहन पहुंचेंगे। इसका सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है। ग्रामीणों ने शीघ्र सड़क दुरस्त न किए जाने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है।
