गणपति बप्पा मोरिया, अगले बरस तू जल्दी आना के साथ बप्पा को विदा किया
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बागेश्वर। नगर के राम मंदिर में चल रहे गणपति महोत्सव का समापन हो गया है। मंगलवार को भक्तों ने उन्हें विदाई दी। उन्होंने आयोजन स्थल राम मंदिर से बैजनाथ धाम तक शोभायात्रा निकाली। सायंकाल मूर्ति को बैजनाथ झील में विसर्जन कर बप्पा को विदा किया। इस दौरान मौजूद भक्तों ने गणपति बप्पा मोरिया, अगले बरस की जल्दी आना के जयकारे लगाए। जिससे पूरी घाटी गुंजयमान रही। गणेश महोत्सव का आयोजन मंगलमूर्ति संगठन ने किया। दो सितंबर को मूर्ति स्थापना के साथ महोत्सव का शुभारंभ हुआ। आठ दिनों तक भक्तों ने बप्पा के दर्शन किए। उन्होंने सुबह-शाम की आरती में भाग लेकर सुख और समृद्धि का आशीष लिया। महोत्सव में स्थानीय और बाहर से आए भजन गायकों ने श्रद्धालुओं को भक्ति रस से ओतप्रोत किया। आयोजक मंडली ने मंदिर में भंडारे का आयोजन कराया। जिसमें रात को आने वाले भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया। महोत्सव के आठवें दिन सोमवार को सुबह के समय मंदिर में हवन-यज्ञ का आयोजन हुआ। आयोजकों सहित अन्य श्रद्धालुओं ने हवन में आहुति डाली। दोपहर बाद विशाल भंडारा आयोजित किया गया। जिसमें कई गांवों से आए लोगों ने भागीदारी कर प्रसाद ग्रहण किया। देर रात तक भक्तों ने भजन कीर्तन से भगवान गणेश की स्तुति की। मंगलवार की सुबह पंडित मनोज पांडे ने मंत्रोचार के साथ विधिविधान से भगवान गणेश की पूजा अर्चना करवाई। इसके बाद बप्पा की शोभायात्रा शुरू हुई। जयकारों के बीच भगवान गणेश की मूर्ति राम मंदिर से गरुड़ बाजार, गोलू मार्केट, टीट बाजार होते हुए बैजनाथ धाम पहुंची। यहां सायंकाल सैकड़ों की संया में आए भक्तों ने मूर्ति का विसर्जन कर बप्पा को विदाई दी। उन्होंने गणपति से अगले बरस जल्दी आने का वादा भी लिया। यहां कान्हा जोशी, देवकी नंदन जोशी, कैलाश जोशी, घनश्याम जोशी, दयाल गिरी गोस्वामी, बबलू नेगी, जर्नादन लोहनी, हिमांशु तिवारी, भाष्कर बृजवासी, जीवन भाकुनी, सुंदर भाकुनी, प्रकाश तिवारी, संजय कांडपाल, विकास पवार आदि रहे।
बिलौना में महोत्सव जारी
बागेश्वर। नगर के बिलौना में गणेश महोत्सव की धूम है। गणेश पंडाल में दिन को भक्त दर्शन को उमड़ रहे हैं। सायंकाल गणपति आरती के बाद देर रात तक रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन हो रहा है। जिसमें नगर सहित ग्रामीण क्षेत्र के लोग भी पहुंच रहे हैं। महोत्सव समिति के अध्यक्ष चंद्रशेखर ने कहा 12 सितंबर यानि गुरुवार को भगवान गणेश की मूर्ति की भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी। जिसके बाद उन्हें समड़ताल के समीप विसर्जन किया जाएगा।
