डीएम ने हाट गांव में लगाई रात्रि चौपाल
रुद्रप्रयाग। अगस्त्यमुनि ब्लॉक के हाट गांव में जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल ने रात्रि निवास कर चौपाल लगाई जिसमें ग्रामीणों ने अनेक समस्याएं रखीं। रात्रि चौपाल में जिलाधिकारी ने ग्रामीणों से ग्रामीण विकास को लेकर कई जानकारियां लीं।हाट गांव में जिलाधिकारी ने जनप्रतिनिधि, ग्राम प्रधान, ग्रामवासियों एवं अधिकारियों-कर्मचारियों का स्वागत करते हुए रात्रि चौपाल की शुरूआत की। डीएम ने कहा कि सरकार द्वारा चलाई जा रही विकास योजनाओं एवं अपने गांव में होने वाले कार्यों की जानकारी हर ग्रामीण को होनी चाहिए। ग्राम सभा हाट के ग्राम वासियों ने बताया कि ग्राम हाट से गवनी गांव पुल का निर्माण न होने के कारण आवाजाही के लिए हाट के ग्रामीणों को काफी परेशानियां उठानी पड़ रही है। ग्रामीणों ने यहां ट्राली के साथ ही अस्थाई पुल की मांग की। जिलाधिकारी द्वारा बताया किया गया कि पुल का निर्माण तत्काल कर दिया जागए जबकि वर्षा काल के दौरान ट्राली/अस्थाई पुल के निर्माण में शीघ्र कार्रवाई की जाएगी। ग्रामीण रामेश्वर प्रसाद ने बताया कि हाट गदेरे का पानी हमारे पशु खेती बागवानी आदि के लिए प्रयोग किया जाता था, किंतु जब से एल एण्ड टी कपनी द्वारा डैम का निर्माण कार्य किया जा रहा है उक्त गदेरे का पानी दूषित हो गया है जिससे खेती बागवानी एवं पशु आदि के लिए खतरा पैदा हो गया हैं। ग्रामीणों ने बताया कि एल एण्ड टी कपनी द्वारा ग्राम हाट के स्कूल जाने वाले बचों के लिय बस लगाई थी जो वर्तमान में बंद कर दी गई है। ग्रामीणों ने विभिन्न समस्याओं से जिलाधिकारी को अवगत कराया।
डीएम की सादगी से ग्रामीण हुए प्रभावित- यूं तो रुद्रप्रयाग के जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल की कार्यशैली और उनकी सादगी रायभर में हर किसी को मालूम है किंतु हाट गांव के साथ ही क्षेत्रीय लोग तब जिलाधिकारी को देखकर प्रभावित हुए जब उनकी सादगी और सरल स्वभाव सबको भाग गया।हाट गांव में रात्रि विश्राम के दौरान जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल ने सामान्य व्यक्ति की तरह खाना खाया जबकि एक साधारण कक्ष में साधारण रजाई और गद्दे लगे विस्तर में सो गए। जिलाधिकारी की मेहमान नवाजी में भले ही कई मोटी रजाई और कबल लाए गए किंतु उन्होंने एक सामान्य व्यक्ति की तरह ठंड में भी रात गुजारी। अपने सरल स्वभाव और सादगी से इस क्षेत्र में लोग जिलाधिकारी से काफी प्रभावित हुए। उन्होंने कहा कि यदि जिले के शीर्ष अफसरों का व्यवहार इतना सरल हो जाए तो जनता को किसी तरह की परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ सकता है। उन्होंने ऐसे अफसरों के लिए उत्तराखंड के लिए गौरव बताया।
