Advertisement
Advertisement
Advertisement
October 29, 2026

बागेश्वर की शिक्षा ब्यवस्था राम भरोसे , अब विधायक देगें डेढ़ करोड़

बागेश्वर ।  बागेश्वर काफलीगैर तहसील के दूरस्थ ग्रामीण अंचल के विद्यालय राजकीय इंटर कॉलेज असों में शिक्षा व्यस्था राम भरोसे चल रही है। जिले का शिक्षा विभाग आंखे मूदें बैठा हुआ है विभाग के अधिकारी इस तहसील के स्कूलों में झाँकने तक नहीं जाते। ऐसे में स्कूल के 350 बच्चो का भविष्य अंधकारमय बना हुआ है। ऐसे में विभाग का नारा सब पड़े सब बड़े सर्व शिक्षा अभियान का नारा यंहा बेमानी सा साबित होता है।
एक रिपोर्ट दरसल जनपद के काफलीगैर तहसील के दूरस्थ ग्रामीण अंचल के इस राजकीय इंटर कॉलेज असों में को शासन व् शिक्षा विभाग ने वर्ष 2012 में इस विद्यालय को हाईस्कूल से अपग्रेड कर इंटर आर्ट्स व् विज्ञानं विषयों की मान्यता तो दे दी परन्तु इस स्कूल में शायद इंटर की पढ़ाई के लिए प्रवक्ता भेजना भूल गया। तबसे आजतक इंटर की क्लास में विज्ञानं वर्ग के शिक्षक के पद खाली पड़े हुए है। बच्चे खुद से पड़ते है।
दूसरी तरफ विधालय की बिल्डिंग जीर्ण-शीर्ण हाल में है। विद्याथियों की क्लासरूम के राइटिंग बोर्ड्स टूटे हुए ,छतो दीवरों में बड़ी बड़ी दरारें एवं बारिश में छत टपकती है क्लास में बैठने को कुछ फर्नीचर तो है. फर्श टूटे फूटे है कुछ क्लास के बच्चे जमींन में चटाई में बैठने को मजबूर है। पेयजल की कोई सुविधा नहीं बच्चे घर से पानी लाते इंटर नेट के इस युग में विद्यार्थी कम्प्यूटर शिक्षा से वंचित ऐसे में कैसे नौनिहाल आगे बढ़ेंगे ये एक बड़ा सवाल विधालय खुदही अपनी मुलभुत ससम्याओं से ग्रशित है। वहीँ जनप्रतिनिधयो स्कूल की समस्याओं से अवगत कराया गया स्कूल में टीचरों का टोटा बना हुआ है। इंटर विज्ञानं वर्ग में एक भी शिक्षक की तैनाती अन्य भी खली भी खाली पड़े हुए है। विद्यालय बिल्डिंग जीर्ण शीर्ण चल रही संपर्क मार्ग ,पेयजल अदि की समस्या बनी हुई है। जल्द इन समस्या का निवारण करें। ताकि इस स्कूल पड़ने वाले बच्चो का अच्छा भविष्य बनसके। अगर ऐसा न होने पर मजबूरन सूली बच्चो के साथ अभिवावक स्कूल में उग्र आंदोलन करने को बाध्य होंगे।
वहीँ िस्थानीय विधायक ने मौका मुयाने कर विद्यालय बिल्डिंग की स्थिति को देखते हुए विधायक बागेश्वर द्वारा रमसा निधि डेढ़ करोड़ रूपये घोषणा भवन के लिए  की । लेकिन ये आने वाले वक्त में पता चलेगा इस विधालय में  कितना सुधार हुआ ।

इस गंभीर मामले जिलाधिकारी  रंजना राजगुरु ने स्वतः संज्ञान लेते हुए शिक्षा विभाग के अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई जल्द जनपद के ब्लैक बोर्ड वंचित स्कूलों की लिस्ट बनाकर उनमें बोर्ड्स की सविधा प्रदान कर 10 दिन के अंदर रिपोर्ट देने के आदेश दिए गए

इंटरनेट के इस युग में विद्यार्थी कम्प्यूटर शिक्षा से वंचित ऐसे में कैसे नौनिहाल आगे बढ़ेंगे ये एक बड़ा सवाल विधालय खुदही अपनी मुलभुत ससम्याओं से जूझ रहा है। ऐसे में जरुरत है विभाग अपनी कुम्हकर्णी नींद से जागे विद्यालयों की तरफ़ ध्यान दे।

You may have missed

Advertisement