June 5, 2026

29 मार्च तक बहुत प्रभावी रहेगा कोरोना वायरस , जाने और क्या कहते है इस बारे में हमारे ग्रह नक्षत्र

ऋ षिकेश। चीन से पूरी दुनिया में फैल रहा कोरोना वायरस सौरमंडल में चल रही ग्रहों की हलचल के चलते 29 मार्च तक बहुत प्रभावी रहेगा। 29 मार्च बाद बृहस्पति ग्रह के राशि परिवर्तन से इसके प्रभाव में कमी आएगी। 13 अप्रैल 2020 को ग्रहों के राजा सूर्य के अपनी उच राशि मेष पर पहुंचने पर इस वायरस का पूर्ण रूप से खात्मा जाएगा। ऐसा दावा उत्तराखंड योतिष रत्न अवार्ड से समानित डॉ. चंडी प्रसाद घिल्डियाल ने किया है। ऋषिकेश निवासी व राइका आईडीपीएल के संस्कृत प्रवक्ता डा. चंडी प्रसाद घिल्डियाल ने कहा कि चीन की सूर्य कुंडली कन्या लग्न की है। उसमें लग्नेश बुध गोचर में रोग भाव में विराजमान है तथा चतुर्थ भाव में धनु राशि में बृहस्पति, मंगल एवं केतु की युति होने से इस जानलेवा वायरस की उत्पत्ति हुई है। 29 मार्च को सायंकाल 7:18 पर बृहस्पति ग्रह के अपने धनु राशि को छोड़कर मकर राशि में चले जाने के बाद इसके प्रभाव में कुछ कमी आएगी। कहा कि बृहस्पति योतिष शास्त्र में उत्तर दिशा का कारक है। इसलिए भारत के दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़, पंजाब, राजस्थान, हिमाचल और जमू कश्मीर में इस वायरस से यादा लोग प्रभावित रहेंगे। 24 मार्च को अमावस्या तिथि है। 24-29 मार्च तक यह रोग भयंकर तबाही मचाएगा। परंतु 29 मार्च की सायंकाल जैसे ही सौरमंडल के सबसे बड़े ग्रह बृहस्पति केतु की पकड़ से बाहर होकर मकर राशि में जाएंगा, इसके प्रभाव में न्यूनता आएगी। बताया कि चंद्रमा का प्रभाव फेफड़ों पर होने से इस रोग का संक्रमण रात्रि के समय यादा रहेगा। परंतु चंद्रमा सूर्य के प्रकाश से प्रकाशित है, इसलिए 13 अप्रैल को सूर्य जब अपनी उच राशि मेष में संचरण करने लगेंगे। तो इस जानलेवा वायरस का खात्मा हो जाएगा। कैसे करें संक्रमण से बचाव डॉ. चंडी प्रसाद घिल्डियाल ने कहा कि इस खतरनाक वायरस से बचने के लिए प्रतिदिन सुबह घर में गंगाजल अथवा गौमूत्र का छिड़काव करना चाहिए, घर में आरती व कपूर, लॉन्ग, पीली सरसों, छोटी इलायची को घी में मिलाकर आम की लकडिय़ों से हवन करें। महामृत्युंजय मंत्र का जाप करने के साथ ही सुबह शाम गर्म पानी का सेवन करें, घर से बाहर निकलते समय माथे पर पीले केसर का तिलक लगाएं।