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October 18, 2026

जिलाधिकारी ने कमेडी में किया मिल्क ग्रोथ सेंटर का निरीक्षण, दुग्ध उत्पादन पर दिया जोर 1400 लीटर हो रहा उत्पादन

बागेश्वर । जनपद में ए2 मिल्क उत्पादन को बढ़ावा देने तथा अधिक से अधिक पशुपालकों को इसका लाभ उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिलाधिकारी विनीत कुमार ने आज कमेड़ी में अवस्थित ए2 मिल्क ग्रोथ सेंटर का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। जिस पर जिलाधिकारी द्वारा जनपद में उत्पादित हो रहे ए2 मिल्क के संबंध में सहायक निदेशक डेयरी से जानकारी चाही गयी। सहायक निदेशक डेयरी निर्भय नारायण सिंह ने जिलाधिकारी को अवगत कराया है कि जनपद में कुल दुध का उत्पादन 1400 लीटर हो रहा है जिसमें 100 लीटर ए2 मिल्क प्राप्त हो रहा है जिसमें 08 समितियॉ काम कर रही है तथा पूरे जनपद में 88 समितियॉ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि ए2 मिल्क को जनपद अल्मोड़ा को उपलब्ध कराया जाता है। जिलाधिकारी ने सहायक निदेशक डेयरी को निर्देश दिये है कि ए2 मिल्क को और अधिक उत्पादित करने के लिए इसके लिए अधिक से अधिक पशुपालकों को शामिल करते हुए इसका उत्पादन बढाने को कहा जिसके लिए उन्होंने निर्देश दिये है कि जिन गॉव में ए2 मिल्क वाली गाय अधिक है ऐसे गॉव व पशुपालकों को चिन्हित करने के निर्देश दिये है, तथा ए2 मिल्क के परीक्षण के लिए उन्होंने लैब की व्यवस्था के लिए व्यय होने वाली धनराशि आदि का प्रस्ताव 10 दिन के भीतर उपलब्ध कराने के निर्देश दिये ताकि इस दिशा में बेहतर ढंग से कार्य किया जा सके तथा पशुपालकों को इसका लाभ उपलब्ध हो सके। उन्होंने इसके लिए लैब के प्रस्ताव हेतु मुख्य विकास अधिकारी एवं मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिये।
इस अवसर पर जिलाधिकारी ने अयारतोली के महिला सदस्यों से भी बातचीत करते हुए उनसे जानकारी प्राप्त करते हुए उनकी समस्याओं को भी सुना। जिस पर महिला सदस्यों द्वारा अवगत कराया गया कि क्षेत्र की महिलाओं द्वारा बेहतर ढंग से पशुपालन का कार्य किया जा रहा है जिसमें उनके द्वारा 40 लीटर दूध डेयरी विभाग को उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने जिलाधिकारी से कहा कि विभाग द्वारा उन्हें सभी सुविधायें एवं जानकारी उपलब्ध करायी जा रही है। किन्तु उनके पास गौशाला में स्थान कम होने के कारण अधिक गायों का पालन किया जाना सम्भव नहीं है जिसके लिए उन्होंने गौशाला की मॉग की गयी है। जिस पर जिलाधिकारी ने मुख्य विकास अधिकारी को निर्देश दिये है कि संबंधित ग्राम पंचायतों का सर्वें कराते हुए उक्त पशुपालकों को गौशाला उपलब्ध कराये जाने हेतु मनरेगा योजना के तहत गौशाला बनाये जाने के लिए आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिये।
निरीक्षण के दौरान मुख्य विकास अधिकारी डी0डी0 पन्त, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ0 उदय शंकर, महाप्रबन्धक उद्योग जी0पी0 दुर्गापाल सहित संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।

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