March 24, 2026

जिले में पेयजल का प्रयोग सिंचाई व निर्माण कार्यों में बर्जित: डीएम

 

बागेश्वर । गर्मियों के सीजन में जनपद में पानी की पर्याप्त उपलब्धता बनी रहे यह अनिवार्य रूप से सुनिश्चित कराया जाय, यह बात जिलाधिकारी विनीत कुमार ने जनपद अन्तर्गत पेयजल की व्यवस्था को सुचारू रखे जाने के संबंध में आयोजित की गयी बैठक के दौरान कही।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने जल संस्थान को निर्देशित करते हुए कहा कि वह यह अनिवार्य रूप से सुनिश्चित कराये कि जल को प्राथमिकता के आधार पर आम जन को उपलब्ध कराया जाय, किसी भी दशा में पेयजल का इस्तेमाल निर्माण कार्यों आदि में न किया जाय। उन्होंने यह भी निर्देश दिये कि जनपद अन्तर्गत चिन्हित किये गये ऐसे स्थान जहॉ ग्रीष्मऋतु में पेयजल की उपलब्धता कम होती है उनके लिए वैकल्पिक व्यवस्था हेतु पर्याप्त रूप में टैंकर आदि की व्यवस्था की जाय इसके लिए टैण्डर आदि की कार्यवाही समय से सुनिश्चित की जाय। टैंकर के माध्यम से वितरित किये जाने वाले पेयजल के संबंध में उन्होंने यह भी निर्देश दिये कि इन पेयजल टैंकरों आदि पर जीपीएस की व्यवस्था अनिवार्य रूप से की जाय जिसके माध्यम से पेयजल ले जाने वाले वाहन की लोकेशन स्पष्ट रूप में पता किया जा सके। उन्होंने यह भी निर्देश दिये कि जल संस्थान कंट्रोल रूम की स्थापना करते हुए उसका अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार करना सुनिश्चित करें ताकि जन सामान्य पेयजल के संबंध में कोर्इ भी शिकायत आदि कंट्रोल रूम के माध्यम से तत्काल रूप से दर्ज करा सके।
जिलाधिकारी द्वारा संबंधित विभागों को जनपद अन्तर्गत ग्रीष्मऋतु के दृष्टिगत चयनित स्थलों पर जलापूर्ति के संबंध में यह भी निर्देश दिये गये कि आपूर्ति किये जाने वाले जल की गुणवत्ता में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाय साथ ही उन्होंने जल संस्थान को यह भी निर्देश दिये है कि वे अपने जनपद अन्तर्गत सभी पानी टैंकों की नियमित रूप से सफार्इ कराना सुनिश्चित करें जिसमें 100 केएल से अधिक क्षमता वाले टैंकों की प्रत्येक तीन माह में अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जाय, साथ ही पानी के टैंकों पर सफार्इ की गयी तिथि तथा आगामी सफार्इ किये जाने वाली तिथि का स्पष्ट अंकन किया जाय।
बैठक के दौरान जल संस्थान द्वारा जिलाधिकारी को अवगत कराया गया कि जनपद अन्तर्गत 28 ऐसे क्षेत्र चयनित है जहॉ ग्रीष्मऋतु में पानी के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जाती है जिसमें बागेश्वर क्षेत्र में 22 कपकोट में 01 तथा गरूड़ क्षेत्रान्तर्गत कुल 05 क्षेत्र सम्मलित है। उन्होंने यह भी अवगत कराया कि वैकल्पिक व्यवस्था के लिए टैण्डर की कार्यवाही की गयी है जो अप्रैल के प्रथम सप्ताह तक पूर्ण हो जायेगी।
जिलाधिकारी ने बैठक में संबंधित सभी विभागों को यह भी निर्देश दिये कि वे जल संरक्षण एवं पेयजल के सदुपयोग के संबंध में भी अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार भी करना सुनिश्चित करें, ताकि आम जन सामान्य भी पेयजल के सदुपयोग हेतु प्रेरित हो सके एवं अन्य लोगों को भी जागरूक कर सके।
बैठक के दौरान मुख्य विकास अधिकारी डी0डी0 पंत, अपर जिलाधिकारी हेमन्त कुमार वर्मा, अधि0अभि0 पेयजल निगम सी0पी0एस0 गंगवार, अपर परियोजना निदेशक शिल्पी पन्त, अधि0अभि0 नगरपालिका राजदेव जायसी, जिला पूर्ति अधिकारी अरूण कुमार वर्मा, जिला आपदा प्रबन्धन अधिकारी शिखा सुयाल आदि मौजूद रहे।