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October 31, 2026

उत्तराखंड को स्नो लेपर्ड  के संरक्षण की दिशा में मिलेगी एक और बड़ी सौगात : राजीव भरतरी

देहरादून।  संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (यूएनडीपी) के सहयोग से चल रही सिक्योर हिमालय परियोजना के तहत अब उत्तराखंड को हिम तेंदुओं (स्नो लेपर्ड) के संरक्षण की दिशा में एक और बड़ी सौगात मिलने जा रही है। गंगोत्री नेशनल पार्क में प्रस्तावित देश के पहले ‘स्नो लेपर्ड कंजर्वेशन सेंटर’ के लिए कवायद शुरू हो गई है। इसके भवन निर्माण को जहां ग्राम्य विकास विभाग को कार्यदायी संस्था नामित किया गया है, वहीं केंद्र सरकार ने इस सेंटर के नजदीक इकोलाजिकल रेस्टोरेशन, नेचर ट्रेल समेत दूसरे कार्य  के लिए 75 लाख रुपये की धनराशि भी मंजूर कर दी है। इस सेंटर के आकार लेने से हिम तेंदुओं के संरक्षण की दिशा में तो काम तेज होगा ही, सैलानियों को हिम तेंदुओं के बारे में विस्तृत जानकारी मिलने के साथ ही शोधार्थियों के लिए भी यह महत्वपूर्ण साबित होगा।
उत्तराखंड के उच्च हिमालयी क्षेत्र में हिम तेंदुओं की ठीकठाक संख्या है। गंगोत्री नेशनल पार्क से लेकर अस्कोट अभयारण्य तक के क्षेत्र में चल रही सिक्योर हिमालय परियोजना के तहत पहली बार इनकी गणना के मद्देनजर पिछले वर्ष पहले चरण का सर्वे कार्य पूरा हो चुका है। अब इसका द्वितीय चरण प्रारंभ होना है। पहले चरण के सर्वे में ही यहां बड़ी संख्या में हिम तेंदुओं की मौजूदगी के प्रमाण मिले ह । साथ ही कैमरा टै्रप में इनकी तस्वीरें निरंतर कैद हो रही ह । इस सबको देखते हुए दो वर्ष पहले इसी परियोजना में हिम तेंदुओं के संरक्षण-संवद्र्धन के मद्देनजर स्नो लेपर्ड कंजर्वेशन सेंटर का खाका खींचा गया।
गंगोत्री नेशनल पार्क के प्रवेशद्वार भैरोंघाटी में लंकापुल के नजदीक करीब तीन हजार फीट की ऊंचाई पर प्रस्तावित इस सेंटर का डिजाइन नीदरल ड के प्रसिद्ध आर्किटेक्ट प्रो.एने फीनिस्त्रा से तैयार कराया गया। राज्य सरकार से इस सेंटर की स्थापना को हरी झंडी मिलने के बाद इसका प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा गया। वहां से भी इसकी मंजूरी मिल चुकी है। अब इस सेंटर की स्थापना के लिए प्रयास तेज किए गए ह । उत्तराखंड वन विभाग के मुखिया प्रमुख मुख्य वन संरक्षक राजीव भरतरी के मुताबिक इस सेंटर के भवन निर्माण के लिए कार्यदायी संस्था ग्राम्य विकास द्वारा डीपीआर तैयार की जा रही है। उन्होंने बताया कि इस सेंटर के इर्द-गिर्द नेचर ट्रेल बननी ह । साथ ही वहां इकोलाजिकल रेस्टोरेशन के कई कार्य होने ह , लकड़ी से संबंधित कार्य करने वाले श्रमिकों को पहले प्रशिक्षण दिया जाना है। ऐसे विभिन्न कार्यों के लिए केंद्र ने 75 लाख रुपये की राशि मंजूर कर दी है। अब जल्द ही कार्य शुरू होंगे। उन्होंने बताया कि सेंटर के आकार लेने पर वहां हिम तेंदुओं के संरक्षण के मद्देनजर प्रशिक्षण कार्यक्रम चलेंगे। शोधार्थियों के लिए भी वहां व्यवस्था होगी। साथ ही गंगोत्री आने वाले सैलानियों को इस सेंटर में हिम तेंदुओं के बारे में जानकारी मिलेगी, ताकि वे भी इनके संरक्षण-संवद्र्धन में भागीदारी निभा सकें।

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