March 20, 2026

डुंगरगांव, चामी और मजबे के लोगों का कलक्ट्रेट पर प्रदर्शन  




बागेश्वर। डुंगरगांव, मजबे और चामी के ग्रामीणों ने मंगलवार को कलक्ट्रेट परिसर पर प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि अनुसूचित जाति बाहुल्य गांव की अनदेखी की जा रही है। उन्होंने डुंगरगांव से मजबे, दाडिमठौक और क्वैराली, सात-रतवे मुख्य मोटर मार्ग से उनके गांव तक सडक़ बनाने की मांग की। ऐसा नहीं होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी। ग्रामीणों ने कहा कि चामी गांव को सडक़ से जोडऩे के लिए वह लंबे समय से आंदोलित हैं। आयुर्वेदिक अस्पताल चामी होते हुए भयेड़ी तक सडक़ मिलान करने की मांग लंबे समय से की जा रही है। लेकिन अबतक कोई कार्रवाई नहीं हो सकी है। वहीं, मलबे और डुंगरगांव के ग्रामीणों ने कहा कि शहीद रमेश सिंह परिहार सडृक को डुंगरगांव, मजबे होते हुए दाड़मिठौक गांव तक मिलान किया जाए। उन्होंने कहा कि यह सडक़ कारगिल शहीद के नाम पर 1999 से स्वीकृत है। अबतक सडक़ डुंगरगांव और मजबे तक नहीं बनी है। गांव तक सडक़ नहीं होने से बीमार, प्रसूता, बुजुर्ग आदि को सडक़ तक लाने में दिक्कतें हो रही हैं। इसके अलावा गांव में उत्पादित फल, सब्जी आदि अन्य दलहनी फसलों को बाजार भी नहीं मिल पा रहा है। ग्रामीणों को झूठा आश्वासन के अलावा और कुछ नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि 60 दिन के भीतर यदि सडक़ का निर्माण शुरू नहीं हुआ तो वह आंदोलन को बाध्य होंगे। इस दौरान नवीन परिहार, दीप चंद्र जोशी, उमेश चंद्र जोशी, इंद्रा जोशी, चंदन सिंह, भगत सिंह, मोहन सिंह, रूप सिंह, दरवान सिंह, राजेंद्र सिंह, बहादुर सिंह, हेमा देवी, उमेद सिंह आदि मौजूद थे।