January 30, 2026

पिथौरागढ़ में बेटी को न्याय दिलाने के लिए सड़कों पर उतरीं महिलाएं


पिथौरागढ़। बेटी और उसके मायके वालों को न्याय दिलाने के लिए थरकोट की महिलाओं ने धरना दिया। पांच दिन पूर्व गांव की एक विवाहिता बेटी की मौत हो गई थी। परिजनों ने उसके सैनिक पति पर हत्या का आरोप लगाते हुए पुलिस में तहरीर दी है। गांव की महिलाओं का भी आरोप है उनके गांव की बेटी ने आत्महत्या नहीं की, बल्कि दहेज के उसकी हत्या की गई है। महिलाओं ने कहा पुलिस को निष्पक्ष जांच कर दोषी के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि भविष्य में किसी बेटी इस तरह की घटना का शिकार न हो।
सोमवार को थरकोट के बोरागांव की महिलाएं, ग्रामीण और मृतका के मायके वाले ग्राम प्रधान मनोज सिंह रावल के नेतृत्व में जिला मुख्यालय पहुंचे। यहां उन्होंने कलक्ट्रेट के बाहर धरना दिया। मृतका की मां गंगा देवी ने कहा उनकी पुत्री सपना का विवाह एक वर्ष पूर्व पंथ्यूड़ी के सलमगांव निवासी एक सैनिक के साथ हुआ था। उनका आरोप है विवाह के कुछ समय बाद ही उनका दामाद उनकी बेटी को दहेज के लिए प्रताड़ित करने लगा। आए दिन उसके साथ मारपीट होती थी। बीते बुधवार उनकी पुत्री ने उनसे फोन पर बात कर अपने साथ मारपीट होने की जानकारी दी। उसी दिन शाम को उनके दामाद ने उन्हें बेटी के आत्महत्या की सूचना दी। उनका आरोप है उनकी बेटी ने आत्महत्या नहीं की है बल्कि दहेज के उसके पति ने उसकी हत्या कर दी। महिलाओं ने साफ तौर पर कहा दहेज के लिए उनके गांव की बेटी को मौत के घाट उतार दिया गया है। इस दौरान उन्होंने नारे लगाते हुए जल्द आरोपी को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। चेतावनी देते हुए कहा अगर मामले की निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई नहीं की गई तो वे सड़कों पर उतरेंगी।
ये रहे शामिल
मंजू देवी, विमला देवी, सुमन देवी, संतोष, शिवराज सिंह, सोनू बोरा, सचिन बोरा, पवन बोरा, प्रशांत बोरा, राकेश बोरा, मनोज सिंह, सूरज सिंह, हीरा सिंह आदि।

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