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October 14, 2026

उत्तराखंड बोर्ड में अंक सुधार व्यवस्था लागू


देहरादून। उत्तराखंड बोर्ड में अंक सुधार व्यवस्था लागू हो गई है।  18 मई को हुई कैबिनेट बैठक में अंक सुधार व्यवस्था शुरू करने का निर्णय किया गया था। शिक्षा सचिव रविनाथ रमन ने शुक्रवार को इसकी अधिसूचना जारी की। अंक सुधार के इच्छुक छात्र को बोर्ड परीक्षा रिजल्ट जारी होने के तीन हफ्ते के भीतर आवेदन करना होगा। छात्र को अंक सुधार के लिए तीन अवसर मिलेंगे। यदि अंक सुधार परीक्षा में छात्र के अंक कम आते हैं तो उसके मुख्य परीक्षा के अधिक अंकों को ही माना जाएगा।
हाईस्कूल में छात्र अधिकतम दो विषयों में परीक्षा दे सकता है। ये वो विषय होंगे जिनमें छात्र फेल हो गया हो या फिर उम्मीद के अनुसार अंक नहीं आए हो। फेल छात्र को अगली कक्षा में एडमिशन लेने की सशर्त अनुमति होगी। इंटर मीडिएट में केवल एक विषय में ही परीक्षा देने की छूट मिलेगी। डीजी शिक्षा बंशीधर तिवारी ने बताया कि जो छात्र इस वर्ष उत्तीर्ण होने से रह गए हैं अथवा जो अपने अंकों से संतुष्ट नहीं है वो आवेदन की तैयारी शुरू कर दे। आवेदन की विस्तृत प्रक्रिया को जल्द से जल्द जारी किया जा रहा है। कोशिश की जाएगी कि छात्र को परीक्षा की तैयारी के लिए पर्याप्त समय मिल जाए और परीक्षा में भी ज्यादा विलंब न हो।
ये देना होगा शुल्क:  हाईस्कूल में सामान्व वर्ग के छात्र को प्रति विषय 200 रुपये और 50 रुपये प्रमाणपत्र शुल्क देना होगा। एससी, एसटी, दिव्यांग छात्र को केवल 100 रुपये प्रति विषय देने होंगे। प्रमाणपत्र का शुल्क समान रहेगा। इंटर मीडिएट में परीक्षा के लिए 300 रुपये शुल्क और प्रमाणपत्र के लिए 50 रुपये अतिरिक्त देने होंगे। एससी, एसटी और दिव्यांग छात्र को 150 रुपये और प्रमाण पत्र के लिए 50 रुपये देने होंगे।
यूं मिलेंगे तीन मौके
पहला अवसर: छात्र अंक सुधार परीक्षा में शामिल हो सकता है।
दूसरा अवसर: अगले वर्ष की मुख्य परीक्षा के साथ छात्र परीक्षा दे सकता है।
तीसरा अवसर: अगले साल की मुख्य परीक्षा के बाद होने वाली अंक सुधार परीक्षा में भाग लिया जा सकता है।

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