लंबी रोग नियंत्रण के लिए चिकित्सा टीमें गांव-गांव पहुंचें: डीएम अनुराधा
बागेश्वर। जिलाधिकारी ने पशुपालन विभाग को निर्देश दिए वह वह लंपी रोग के नियंत्रण के लिए गांव-गांव पहुंचे। वहां शिविर लगाकर वहां टीकाकरण करें व दवा बांटें। जो पशु रोग से ग्रसित नहीं हैं उन्हें भी वैक्सीनेशन करें। तांकि वह रोग मुक्त हो सकें। रोग को महामारी न बनने दें। इसमें लापरवाही किसी भी स्तर की सहन नहीं होगी। कलक्ट्रेट में आयोजित बैठक में मुख्य पशुचिकित्साधिकारी डॉ. आर चंद्रा ने बताया कि लंपी वायरल बीमारी है, इस पर नियंत्रण करने में थोडा समय लग रहा है, इसके लिए पशुपालकों को जागरूक करते हुए पशुओं का वैक्सीनेशन किया जा रहा है, साथ ही दवा भी दी जा रही है। बताया कि पशु गणना के अनुसार लगभग 76 हजार पशु जनपद में है, जिसमें से 34 हजार पशुओं का पंजीरण कर वैक्सीनेशन एवं दवा वितरण करा दिया गया है। आगामी 15 जून तक सभी पशुओं का वैक्सीनेशन व दवापान करा दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि दवाइयां पर्याप्त मात्रा में है, वैक्सीनेशन की और मांग की गई है, जो शीघ्र उपलब्ध हो जाएगी। जिलाधिकारी के गोट वैली योजना की समीक्षा के दौरान नोडल अधिकारी डॉ. आर चंद्रा ने बताया कि गत वित्तीय वर्ष में गोट वैली योजना के अंतर्गत कपकोट क्षेत्र को लिया गया था, जिसमें 28 पशुपालकों को योजना के अंतर्गत पांच बकरी एवं एक बकरा उपलब्ध करा दिए गए है, जबकि 28 पशुपालकों को सहकारिता विभाग द्वारा इसी सप्ताह के भीतर बकरी उपलब्ध करा दी जाएगी, जबकि 44 पशुपालकों द्वारा स्वंय बकरी खरीद की इच्छा जताई है, इस तरह कपकोट क्षेत्र के अंतर्गत योजना में 100 बकरी पालकों पर लक्ष्य पूरा हो जाएगा। उन्होंने बताया कि चालू वित्तीय वर्ष में गरुड़ क्षेत्र को गेाट वैली में लिया गया है। अभी तक 83 बकरी पालकों का चिह्नीकरण किया गया है। जनपद में निराश्रित गोवंशी पशुओं को शेल्टर उपब्ध कराया जाएगा। नगर पालिका बागेश्वर के अंतर्गत लगभग 25 गोवंशी निराश्रित है, जबकि नगर पंचायत कपकोट में चार हैं। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी संजय सिंह, उपजिलाधिकारी हरगिरि, राजकुमार पांडे, ईओ हयात सिंह परिहार, नवीन कुमार, डॉ. कमल पंत, एआर कॉपरेटिव एलएम वर्मा, पशु चिकित्सााधिकारी डॉ. आरआर चंदोला, पीके पाठक आदि मौजूद रहे।
