March 4, 2026

प्राधिकरण हटाओ मोर्चा का तहसील में प्रदर्शन

बागेश्वर ( आखरीआंख समाचार )  जिला विकास प्राधिकरण के विरोध में प्राधिकरण हटाओ मोर्चा ने तहसील पर प्रदर्शन किया। प्राधिकरण की बैठक में पूछे गए सवालों का जबाव नहीं देने से प्रदर्शनकारी नाराज थे और उन्होंने जिला प्रशासन पर गुपचुप तरीके से बैठक कराने का आरोप भी लगाया। कुमाऊंनी-गढ़वाली नहीं बोलने वाले अधिकारियों को पहाड़ से हटाने की मांग की। जिला प्रशासन ने तहसील परिसर में जिला विकास प्राधिकरण को लेकर बैठक बुलाई। बैठक में प्राधिकरण हटाओ मोर्चा भी धमक गया और सवाल पूछने लगा। मोर्चा ने पूछा कि प्राधिकरण को लेकर जिला प्रशासन ने अब तक प्रचार-प्रसार किया या नहीं जिसका जबाव नहीं मिला तो लोग भड़क गए और बैठक से उठकर तहसील के आगे प्रदर्शन करने लगे। सभा में वक्ताओं ने कहा कि उत्तर प्रदेश की मानसिकता वाला काला कानून पहाड़ पर लादा जा रहा है। 1973 में बने अधिनियम में हल्द्वानी, देहरादून और तराई क्षेत्र नहीं लिया गया है। पहाड़ के लोगों ने राज्य की मांग की थी और उस पर यह काला कानून लादा जा रहा है। सीवर लाइन के बिना प्राधिकरण थोपा जा रहा है। दो मीटर रास्ता तक लोगों के पास नहीं है जबकि प्राधिकरण साढ़े सात मीटर चैड़ा रास्ते की बात करता है। उद्योग खोलने के लिए जमीन तक नहीं है। व्यवसाय करने के लिए सात हजार वर्ग मीटर, उद्योग के लिए तीन सौ मीटर ऐसे ही अन्य विकास कार्यो के लिए भूमि के साथ ही साढ़े सात वर्ग मीटर रास्ता प्राधिकरण के नियमों में मांगा जा रहा है। इस मौके पर पंकज पांडे, रमेश पांडे कृषक, राजेंद्र उपाध्याय, महेश जोशी, विपिन पाठक, हरीश सोनी, प्रमोद मेहता, जितेंद्र रावत, उमेश टाकुली, त्रिलोक सिह, चंदन सिह, नवीन चंद्र जोशी, पंकज पांडे, रमेश पांडे आदि मौजूद थे।

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