बागेश्वर में नही हो पा रहा शिक्षक ड्रैस कोड का पालन
बागेश्वर ( आखरीआंख समाचार ) सरकार ने बीते वर्ष सरकारी स्कूलों में कार्यरत शिक्षक-शिक्षिकाओं के लिए ड्रेस कोड लागू करने का शासनादेश जारी किया। लेकिन एक साल बाद भी यह नियम निष्प्रभावी ही दिखाई दे रहा है। किसी भी सरकारी स्कूलों में फिलहाल शिक्षक ड्रेस कोड का पालन नही कर रहे हैं।
सरकार ने बीते वर्ष सरकारी स्कूलों में ड्रेस कोड लागू करने की घोषणा की थी। ड्रेस कोड लागू करने के पीछे मूल उद्देश्य था सरकारी शिक्षा को बेहतर करना। इसके अलावा ड्रेस कोड के जरिए बच्चों को अनुशासन का भी पाठ पढ़ाना था। अगर शिक्षक अनुशासन का पालन करते हुए ड्रेस में स्कूल आ रहा है तो बच्चे स्वतरू ही ड्रेस कोड का पालन करेंगे। शासनादेश जारी होने के कुछ समय तक तो जिसके बाद कुछ समय तक शिक्षक शिक्षिकाएं स्कूलों में ड्रेस पहनकर आने लगे। लेकिन कुछ समय बाद नियम कानूनों को ठंडे बस्ते में डालते हुए शिक्षक-शिक्षिकाएं पुराने ढर्रे पर लौट आए। अभी किसी भी स्कूल में फिलहाल ड्रेस कोड के नियमों का पालन होता नही दिख रहा हैं।सरकार भी अब ड्रेस कोड के इस नियम को लेकर लचीला रुख अपनाए हुए है। इससे सहज अंदाजा लगाया जा सकता है कि सरकार सरकारी शिक्षा के प्रति कितनी गंभीर हैं। वही शिक्षकों की नाफरमानी भी सरकार के नियमों को ठेंगा दिखाने के लिए काफी हैं।सरकार ने जैसे ही सरकारी स्कूलों में ड्रेस कोड का नियम लागू किया तो इसका विरोध भी शुरु हो गया। विरोध के बाद शासनादेश तो रदद नही ंहुआ लेकिन दवाब में सरकार शायद बैकफुट में आ गई है। नियमों के बावजूद भी सरकारी स्कूलों में ड्रेस कोड का पालन नही किया जा रहा हैं।
