उत्तराखंड का नया मॉडल : छात्र नहीं तो स्कूल भी नहीं, शून्य छात्र संख्या पर गढ़वाल मंडल के 89 स्कूल बंद
पौड़ी । सरकारी विद्यालयों से अभिभावकों का लगातार मोह कम होता जा रहा है। छात्र संख्या शून्य होने के चलते इस साल गढ़वाल मंडल के छह जिलों में 89 स्कूलों में ताले लटक गए हैं। इसमें 66 प्राथमिक और 23 उच्च प्राथमिक विद्यालय शामिल हैं। पौड़ी जिले में बंद हुए सर्वाधिक 30 विद्यालयों में 24 प्राथमिक और 6 उच्च प्राथमिक स्कूल दर्ज हैं। सरकारी विद्यालयों में हर साल गिरता छात्र संख्या का ग्राफ विभाग की चिंता बढ़ा रहा है। शिक्षा विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक गढ़वाल मंडल में वर्तमान में 6060 प्राथमिक विद्यालय संचालित हैं। इनमें से छात्र संख्या शून्य होने के चलते 66 विद्यालय बंद किए गए। वहीं 1455 उच्च प्राथमिक विद्यालयों में से 23 विद्यालयों को बंद किया गया। सर्वाधिक 1311 प्राथमिक विद्यालयों वाले पौड़ी गढ़वाल में सबसे अधिक 24 विद्यालय बंद हुए हैं। इसके बाद चमोली में 12, देहरादून व टिहरी में 11-11, रुद्रप्रयाग में 5 जबकि उत्तरकाशी में 3 विद्यालय बंद हुए हैं। उच्च प्राथमिक विद्यालयों में भी पौड़ी जिला सबसे आगे रहा, जहां 6 विद्यालय बंद किए गए। रुद्रप्रयाग और देहरादून में 5-5, टिहरी में 4, चमोली में 2 जबकि उत्तरकाशी में एक विद्यालय बंद हुआ। शिक्षा विभाग के अनुसार जिन विद्यालयों में लंबे समय से एक भी छात्र नामांकित नहीं था, उन्हें बंद करने का निर्णय लिया गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में घटती छात्र संख्या और अभिभावकों का निजी विद्यालयों की ओर बढ़ता रुझान इसके प्रमुख कारण माने जा रहे हैं।
हरिद्वार में एक भी विद्यालय बंद नहीं: गढ़वाल मंडल में हरिद्वार इकलौता जिला रहा, जहां छात्र संख्या संतोषजनक रही। जिसके चलते हरिद्वार में कोई विद्यालय बंद नहीं हुआ। हरिद्वार जिले में कुल 816 विद्यालय हैं। जिनमें 665 प्राथमिक और 151 उच्च प्राथमिक विद्यालय शामिल हैं।
जिलेवार बंद विद्यालयों की स्थिति
जनपद प्राथमिक विद्यालय उच्च प्राथमिक विद्यालय कुल
पौड़ी 24 6 30
देहरादून 11 5 16
टिहरी 11 4 15
चमोली 12 2 14
रुद्रप्रयाग 5 5 10
उत्तरकाशी 3 1 4
क्या कहते हैं अधिकारी
छात्र संख्या बढ़ाने को लेकर जिलों की समीक्षा की जाएगी। साथ ही छात्रहित में बेहतर पठन पाठन के लिए शिक्षकों को निर्देशित किया जाएगा। स्कूलों में दी जाने वाली सरकारी योजनाओं का भी अधिक से अधिक प्रचार प्रसार कर छात्र संख्या बढ़ाने पर जोर रहेगा। – प्रमेंद्र बिष्ट, अपर निदेशक शिक्षा, गढ़वाल मंडल पौड़ी ।
