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October 13, 2026

उत्तराखंड में सभी छोटे-बड़े पुलों की क्षमता के सेफ्टी आडिट के आदेश


देहरादून। राज्य सरकार ने सभी छोटे-बड़े पुलों की क्षमता का आकलन कराने के लिए सेफ्टी आडिट का फैसला लिया है। उधर, लोनिवि मंत्री सतपाल महाराज ने कोटद्वार के मालन नदी पर बने पुल के टूटने के मामले में जांच के आदेश दिए हैं।
शुक्रवार को लोनिवि सचिव डा. पंकज कुमार पांडेय ने प्रमुख अभियंता को सभी पुलों का सेफ्टी आडिट कराने के आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा कि पुलों की मरम्मत समय पर होने, भार क्षमता से अधिक यातायात होने, पुलों के समीप साइनेज न होने और अत्यधिक समय होने से भारी बारिश के चलते क्षतिग्रस्त होने की सूचना है। इसकी वजह से जान माल के नुकसान के साथ ही आवागमन भी बाधित हो रहा है।
उन्होंने कहा कि पुल टूटने या उनकी वजह से भविष्य में दो भी दुर्घटना होगी, उसके लिए भविष्य में संबंधित अधिशासी अभियंता जिम्मेदार होंगे। सचिव ने सभी पुलों का सेफ्टी आडिट कर एक माह के भीतर उनके मरम्मत का प्रस्ताव शासन को भेजने की हिदायत दी। विदित है कि गुरुवार को कोटद्वार के समीप मालन नदी पर बने पुल का पिलर ध्वस्त हो गया था, जिससे पुल का कुछ हिस्सा नदी में गिर चुका है। इस वजह से पुल पर आवाजाही ठप है।
उधर, कैबिनेट मंत्री महाराज ने सचिव लोनिवि डा. पंकज पांडेय को कोटद्वार के मालन नदी पर पुल टूटने के जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने पुल के गिरने की वजह की विस्तृत रिपोर्ट भी मांगी है। कहा कि जब तक पुल नहीं बन जाता है तब तक लोगों की आवाजाही के लिए वैकल्पिक मार्ग खोले जाएं। उन्होंने कहा कि भारी बारिश के चलते राज्यभर में काफी सड़कें अवरुद्ध हैं, जिन्हें जल्द खोला जाए, ताकि लोगों की परेशानी को कम किया जा सके। महाराज ने प्रमुख अभियंता सिंचाई जयपाल सिंह को प्रदेश की सभी नदियों की स्थिति और जल स्तर का ब्योरा भी तलब किया है।

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