100 से ज्यादा कॉलेज को कंट्रोल करने वाली मेडिकल यूनिवर्सिटी को नहीं मालूम उनके वीसी कौन
हल्द्वानी । हेमवती नंदन बहुगुणा उत्तराखंड चिकित्सा शिक्षा विश्वविद्यालय (एचएनबी मेडिकल यूनिवर्सिटी), जो राज्य में 100 से अधिक मेडिकल, नर्सिंग और पैरामेडिकल कॉलेजों को संबद्धता और नियंत्रण प्रदान करती है, में अब प्रशासनिक लापरवाही और जानकारी के अभाव की गंभीर स्थिति सामने आयी है। हालत यह है कि विश्वविद्यालय को अपने ही कुलपति (वीसी) के नाम की सही जानकारी नहीं है।एचएनबी मेडिकल यूनिवर्सिटी की (https://www.hnbumu.ac.in/index.html) कि वेबसाइटर कई महीनों से अपडेट नहीं किया गया है। विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट पर कुलपति के साथ-साथ तीन संबद्ध मेडिकल कॉलेजों के प्राचार्यों के नाम भी गलत दर्ज हैं। फरवरी 2026 में डॉ. भानु दुग्गल को राज्यपाल द्वारा कुलपति नियुक्त किए जाने के बावजूद वेबसाइट पर पुरानी या गलत जानकारी बनी हुई है।
यह स्थिति तब और चिंताजनक है जब मेडिकल छात्र, नर्सिंग स्टूडेंट्स, प्रोफेसर और कॉलेज प्रशासन रोजाना वेबसाइट से महत्वपूर्ण जानकारी जैसे प्रवेश, परीक्षा, संबद्धता और अधिसूचनाएं प्राप्त करते हैं। गलत जानकारी के कारण छात्रों और शिक्षकों में भ्रम की स्थिति पैदा हो रही है, जो चिकित्सा शिक्षा की गुणवत्ता पर सीधा असर डाल सकती है।विश्वविद्यालय के साथ सरकार पर भी सवालयह मामला राज्य सरकार की ‘आपके द्वार’ और डिजिटल सुशासन की दावेदारी पर भी सवाल खड़े कर रहा है। एक ओर सरकार डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से पारदर्शिता और त्वरित सेवा का दावा करती है, वहीं दूसरी ओर उसकी ही संबद्ध यूनिवर्सिटी बुनियादी अपडेट में असफल साबित हो रही है। जानकारों का कहना है कि कम संसाधनों के बावजूद अन्य विश्वविद्यालय अपनी स्थिति को ठीक किये हुए हैं जबकि साधन संपन्न होने के बावजूद मेडिकल यूनिवर्सिटी का हालत चिंताजनक है।अभी भी प्रो. त्रिपाठी बने हैं वीसीएचएनबी मेडिकल यूनिवर्सिटी राज्य की वेबसाइट पर प्रो. अरुण कुमार त्रिपाठी को वीसी बताया हुआ है। यह सब वेबसाइट के पहले पेज की हकीकत है जिसमें उनका राज्यपाल, मुख्यमंत्री के बगल में फोटो लगाया गया है। यह हालत तब हैं जब इस वेबसाइट को रोजाना विभाग के सैकड़ों अधिकारी-कर्मचारयों के साथ छात्र व शिक्षक एक्सस करते हैं। वहीं जब एडमिनिश्ट्रेशन के लिंक पर क्लिक कर वाइस चांसलर (वीसी) के लिंक पर क्लिक करते हैं तो वहां पर प्रो ओंकार सिंह को 25-1-2025 से अभी तक वीसी बताया गया है।कई माह से प्राचार्य के नाम नहीं बदलेकाफी पहले राजकीय मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी के प्राचार्य डा. जीएस तितियाल को बना दिया गया है जबकि वेबसाइट में अभी भी डॉ. अरुण जोशी को बताया गया है। यही हाल श्रीनगर मेडिकल कॉलेज का है जहां डॉ. आशुतोष सयाना को प्राचार्य बना दिया गया है लेकिन डॉ. सीएमएस रावत प्राचार्य दिखाए गए हैं वहीं हरिद्वार मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सीएमएस रावत बना दिए गए हैं लेकिन वहां पर डॉ. रंगील सिंह रैना को प्राचार्य दिखाया गया है। प्राइवेट और सरकारी नर्सिंग कॉलेज, पैरामेडिकल कॉलेज जहां अक्सर तबादले होते रहते हैं कि स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है।
आपके माध्यम से हेमवती नंदन बहुगुणा उत्तराखंड चिकित्सा शिक्षा विश्वविद्यालय की वेबसाइट के अपडेट नहीं होने की जानकारी मिली है। इस मामले में जो भी जरूरी कार्रवाई होगी वह करें की जाएगी। – डॉ. अजय आर्य, निदेशक चिकित्सा शिक्षा उत्तराखंड
