मानसून सत्र के पहले ही दिन विधानसभा घेरेंगे अतिथि शिक्षक
देहरादून। अतिथि शिक्षकों ने मानसून सत्र की शुरूआत के पहले दिन पांच सितंबर को विधानसभ घिराव का ऐलान किया है।छह साल से ज्यादा वक्त से प्रदेश के दुर्गम क्षेत्रों में सेवाएं दे रहे अतिथि शिक्षक अपने लिए कोई ठोस नीति न बनने की वजह से नाराज हैं। वर्तमान में एलटी और प्रवक्ता के चार हजार से ज्यादा रिक्त पदों पर अतिथि शिक्षक कार्यरत हैं। माध्यमिक अतिथि शिक्षक संघ के अध्यक्ष अभिषेक भट्ट ने कहा कि पांच सितंबर को शिक्षक दिवस भी मनाया जाता है। शिक्षकों की राज्य में हो रही उपेक्षा की वजह से इस दिन को विरोध-प्रदर्शन करने का निर्णय किया गया है। अब तक सरकार केवल आश्वासन ही देती आ रही है। अतिथि शिक्षकों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए कोई नीति अब तक तैयार नहीं की। पिछले साल दिसंबर में आठ दिन तक चले आंदोलन में सरकार ने जल्द उचित कार्यवाही का आश्वासन दिया था। कार्यकारी अध्यक्ष आशीष जोशी, प्रदेश महामंत्री दौलत जगूड़ी ने कहा कि अतिथि शिक्षकों को मजबूरी में विधानसभा कूच और घिराव का कदम उठाने का निर्णय करना पड़ा है। सरकार के स्तर पर हर बार केवल वादे ही किए जा रहे हैं, उन पर अमल नहीं हो रहा है। विधानसभा कूच में सभी अतिथि शिक्षकों को शामिल रहने के निर्देश दिए गए हैं। यदि कूच के बाद भी सरकार कोई कदम नहीं उठाती तो अतिथि शिक्षक व्यापक स्तर पर आंदोलन छेड़ देंगे।
