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November 7, 2026

धामी कैबिनेट के 18 फैसले, परिवहन, शिक्षा और वन विभाग में बड़े बदलाव


देहरादून । मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में गुरुवार सुबह 9:30 बजे सचिवालय में आयोजित मंत्रिमंडल बैठक में 18 अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक में परिवहन, वन, शिक्षा, वित्त और उद्योग समेत कई विभागों से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
कैबिनेट ने परिवहन विभाग में प्रवर्तन अधिकारियों के लिए नई वर्दी निर्धारित करने के साथ ही 250 नई बसों की खरीद को मंजूरी दी। जीएसटी में कमी के चलते अब 100 के बजाय 109 बसें खरीदी जाएंगी।
कुंभ मेला कार्यों के लिए वित्तीय अधिकार भी तय किए गए हैं। इसके तहत 1 करोड़ रुपये तक के कार्य मेला अधिकारी, 5 करोड़ रुपये तक के कार्य गढ़वाल आयुक्त और इससे अधिक लागत के कार्य शासन स्तर पर स्वीकृत किए जाएंगे।
उद्योग विभाग में दर 7 रुपये प्रति कुंतल से बढ़ाकर 8 रुपये प्रति कुंतल कर दी गई है, जबकि आबकारी नीति के तहत 6 प्रतिशत दर को राज्य कर विभाग द्वारा अपनाया गया है।
वन विभाग में अहम संशोधन करते हुए वन दरोगा की आयु सीमा 21 से बढ़ाकर 35 वर्ष कर दी गई है, जबकि वन आरक्षी की आयु सीमा 18 से 25 वर्ष निर्धारित की गई है। इसके अलावा वन सीमा क्षेत्रों में मधुमक्खी पालन नीति को मंजूरी दी गई है, जिससे मानव-वन्यजीव संघर्ष कम करने और स्थानीय रोजगार को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
डी श्रेणी के ठेकेदारों की कार्य सीमा 1 करोड़ से बढ़ाकर 1.50 करोड़ कर दी गई है।
मदरसा मान्यता नियमों में बदलाव करते हुए कक्षा 1 से 8 तक के 452 मदरसों को जिला स्तर से मान्यता देने का निर्णय लिया गया है, जबकि कक्षा 9 से 12 तक के मदरसों के लिए उत्तराखंड बोर्ड से मान्यता अनिवार्य होगी।
कार्मिक विभाग के तहत प्रतीक्षा सूची (वेटिंग लिस्ट) की वैधता अब एक वर्ष तक सीमित कर दी गई है।
शिक्षा क्षेत्र में विशेष शिक्षकों की अर्हता तय करने के साथ नई नियमावली को मंजूरी दी गई है। साथ ही सहायक अध्यापक पदों के लिए सेवा नियम भी निर्धारित किए गए हैं।
लोक निर्माण विभाग में वर्ष 2023 की जेई भर्ती से जुड़े 6 नए पदों के सृजन को मंजूरी दी गई है।
इसके अलावा मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा शोध प्रोत्साहन योजना का लाभ अब 21 अशासकीय कॉलेजों तक बढ़ा दिया गया है।
बैठक में वर्कचार्ज कर्मचारियों से जुड़े मामले में हाईकोर्ट के स्टे की जानकारी भी कैबिनेट के संज्ञान में लाई गई, जबकि उत्तराखंड अल्पसंख्यक अधिनियम 2025 पहले ही अधिसूचित किया जा चुका

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