March 12, 2026

‘इंडिया’ के नेता न समझें हैं, न समझेंगे!



गौर करें राहुल गांधी पर। इन दिनों क्या कर रहे है? रेलवे स्टेशन जा कर कुलियों के बीच बैठ, सिर पर सामान की पोटली उठा भरोसा दिला रहे है कि वे रेलवे को नहीं बिकने देंगे! फर्नीचर मार्केट में जाकर आरी और रंदा चला रहे हैं। समझ नहीं आता कि खडग़े, राहुल-प्रियंका व ‘इंडिया’ के नीतीश कुमार, अखिलेश, केजरीवाल आदि इन सबके कौन हैं सलाहकार। इतना भी नहीं देख-बूझ रहे हैं कि नरेंद्र मोदी के नैरेटिव, प्रोपेगेंडा, झूठ के पैमाने चंद्रलोक, सूर्यलोक, विश्वगुरूता के हैं वही राहुल, नीतीश, केजरीवाल छोटी-छोटी बातों, रेवडिय़ों के वादों, झूठ के सामान्य प्रोपेगेंडा से मोदी को हराने के सपने देख रहे हैं।
सुना था कि विपक्ष की बैठक में कांग्रेस और केजरीवाल की मीडिया-सोशल मीडिया टीम में कोऑर्डिनेशन और साझा रणनीति का फैसला हुआ था। पर ऐसा होता तो पिछड़ों के आरक्षण, जाति जनगणना में आरक्षण, कुलियों व रेल यात्रियों के बीच फोटोशूट जैसी बातें, जैसे झांसे, छोटे-छोटे झूठ और वादे क्या राहुल गांधी, नीतीश, केजरीवाल करते?
तुलना करें नरेंद्र मोदी के विश्व नेताओं के संग के फोटोशूट बनाम राहुल गांधी के कुलियों के संग फोटो पर? सपने देखने वाली, मुंगेरीलाल हिंदू लोगों में मोदी के फोटो सुपर हिट हुए होंगे या राहुल गांधी के? नीतीश कुमार के गुरू रहे दिवंगत शरद यादव मंडलवादी नेता थे। मेरी बड़ी अभिन्नता थी। सन् 85-86 की बात रही होगी, मैंने गपशप में उनके फिरोजशाह रोड के सरकारी मकान पर लिखा। चरण सिंह-देवीलाल के संग समाजवादी राजनीति करने वाले शरद यादव ने अपने मकान में चार-छह एसी लगवा रखे हैं, यह मेरे लिए उस वक्त न पचने वाली बात थी तो मैंने गपशप में शरद यादव को लपेटा। उन्होंने मेरे रिपोर्टर के जरिए मेरे से बात की और मुझे हिंदुओं की राजनीति का बड़ा सूत्र समझाया- आपके लिखने से तो मेरी वाह हो गई। जरा भारत के लोगों को समझें। हम गुलाम रहे हैं। हम लोग हाकिम की पूजा करते हैं। वह जितने वैभव में, तामझाम में रहेगा उतना ही जनता में उसका रूतबा बढ़ेगा। हाथी की सवारी होनी चाहिए, नौकर-चाकर हो, ठाठ-बाट के किस्से बनें। नेता बड़ी बातें करता हुआ, शान वाला हो। पता है नेहरू के किस्से चलते थे कि उनके कपड़े पेरिस से धुल कर आते हैं और वे दुनिया को जानने वाले अकेले नेता हैं। ब्रितानियों के साथ महीने में हम सोने की ईंट देंगे। कोई माने या न माने राहुल-केजरीवाल दोनों की पुरानी जिद्दी इमेज में इस वादे को लोग खरा मानेंगे। केजरीवाल को यह भी ऐलान करना चाहिए कि मैं हनुमानजी का परम भक्त। इसलिए मोदीजी तो आडवाणी के आंदोलन में अयोध्या में राम मंदिर का झूठा श्रेय ले रहे हैं। जबकि मेरा संकल्प है कि मैं चंद्रमा पर पवनपुत्र हनुमानजी का मंदिर बनवाऊंगा। मैं आईआईटी से पढ़ा हुआ है। मैंने वैज्ञानिकों के साथ बैठ कर प्लान बना लिया है ‘इंडिया’ गठबंधन का चंद्रयान मिशन होगा हनुमानजी की मूर्ति को चंद्रमा पर ले जा कर वहां उसकी स्थापना का। ‘इंडिया’ सरकार के अंतरिक्ष अभियान में पहला लक्ष्य अब यह होगा कि हिंदुओं के सभी प्रमुख भगवानों की मूर्तियों को पहले सौर्य मंडल के हर ग्रह में स्थापित किया जाए ताकि अंतरिक्ष में हिंदुओं का पहले डंका बजे ज्.आदि, आदि।

किसान की आमदनी दो गुना बढ़ीज् आदि-आदि। हम हिंदू न सोचते हैं, न फील करते हैं। हम तो भक्त होते हैं, सपने देखते हैं, मुंगेरीलाल के इलहामी फितूरों में जीते हैं कि देखो, देखो, कनाडा, पाकिस्तान, चीन और दुनिया को जीत कर महाराजाधिराज पधारे हैं।