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October 18, 2026

जिले के ग्रामीण क्षेत्र में ओवर लोडिंग पर नहीं लग रही लगाम


बागेश्वर ।  डीएम ने सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में कई बार ओवर लोडिंग के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। इसके बावजूद जिले में ओवर लोडिंग कम नहीं हो रही है। नगरी क्षेत्र में तब भी गनीमत है, लेकिन ग्रामीण क्षेत्र में हालात बहुत खराब है। मानक से दोगुने यात्री वाहनों में ढोए जा रहे हैं। नियमित सेवा नहीं होने का लाभ चालक उठा रहे हैं। लोगों ने पुलिस तथा एआरटीओ से ओवर लोडिंग के खिलाफ नियमित चेकिंग अभियान की मांग की है। शनिवार को ओवर लोडिंग के चलते एक वाहन अलखनंदा नदी में गिर गया। इस हादसे में 14 लोगों की मौत हो गई। इस हादसे से भी जिले के वाहन चालक सबक नहीं ले रहे हैं। पुलिस व परिवहन विभाग भी ओवर लोडिंग करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ कार्रवाई नहीं कर रही है। नगर में प्रवेश करने वाले वाहन चालक मानक के अनुसार यात्री ला रहे हैं, लेकिन ग्रामीण क्षेत्र में कोई देखने वाला नहीं है। बागेश्वर-दफौट, बागेश्वर-धरमघर, हरसीला-पुड़कुनी आदि मार्ग पर पुलिस व संबंधित विभाग किसी भी प्रकार की चेकिंग नहीं करते। यदि कभी कभार अधिकारी चेकिंग में निकल भी गए तो चालक फोन से एक दूसरे चालकों को आगाह कर देते हैं, लेकिन वे लोग ओवर लोडिंग करने से बाज नहीं आते हैं। मैक्स जीप हो या ट्रैवलर सभी ओवर लोडिंग में पीछे नहीं हैं। कोरोना काल में कम सवारी बैठाने चालकों ने वाहन का किराया तो उसके बाद फिर घटाया नहीं। जहां 100 रुपये किराया था वहां 150 कर दिया, लेकिन ओवार लोडिंग में किसी तरह की कमी नहीं आई है। लोगों ने ओवर लोडिंग के साथ ही वाहनों की फिटनेस की जांच करने की मांग की है। इधर एआरटीओ कायार्यल के कर प्रवर्तन अधिकारी हरीश सिंह रावल ने बताया कि ओवर लोडिंग के खिलाफ विभाग लगातार कार्रवाई कर रहा है। कुछ वाहन चालकों की शिकायत उन्हें मिली है। उनका चालान किया जाएगा।

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