23वें दिन भूखे-प्यासे अनशन पर डटे रहे श्रमिक
काशीपुर । विभिन्न मांगों को लेकर धरने पर बैठे सिडकुल की एक कंपनी के श्रमिकों का मंगलवार को गांधी पार्क में 23वें दिन भी आमरण अनशन पर बैठे रहे। भूखे-प्यासे अनशन पर डटे श्रमिकों की स्वास्थ्य स्थिति नाजुक बनी हुई है। इस स्थिति ने उनके परिवारों में भी चिंता का माहौल पैदा कर दिया है। लेकिन अभी तक मामले में विभाग और जिला प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से श्रमिको में रोष की स्थिति बनी हुई है। मंगलवार को धरने पर बैठे श्रमिकों ने कहा कि पिछले 23 दिन से अनशन पर बैठे हैं, लेकिन अभी तक समस्या का समाधान नहीं हो पाया है। श्रमिक संगठन के अध्यक्ष ललित कुमार ने कहा कि पूर्व में 25 अक्टूबर को डीएम की अध्यक्षता में हुई वार्ता के दौरान कंपनी में प्रथम चरण में 50 फीसदी श्रमिकों को कंपनी में 4 नवबंर को वापसी होनी थी, लेकिन कंपनी में तय दिन में श्रमिको की वापसी नहीं हुई। उन्होंने बताया कि जिस मुख्य मांग को लेकर श्रमिक अनशन पर बैठे हैं उसपर ही कोई कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने बताया कि जिन श्रमिको को कंपनी रोल से हटाकर ठेकेदारी में डाला गया है। उनको दोबारा कंपनी रोल पर लेने के लिए समझौते पर हामि दी गई थी, लेकिन कंपनी प्रंबंध श्रमिको की वापसी केवल पेयरोल के आधार पर कर रहा है। जिसके विरोध मे श्रमिक अनशन पर बैठे है। उन्होंने बताया कि श्रमिकों ने कई बार अधिकारियों के साथ वार्ता की, लेकिन उनकी मांगों पर कोई स्पष्टता नहीं दी गई। यह स्थिति श्रमिकों के मनोबल को और गिरा रही है और उनके संघर्ष को और अधिक कठिन बना रही है। भविष्य में अनशन पर बैठे श्रमिको की स्थिति कभी खराब हो सकती है। ऐसे में कभी भी कोई अप्रिय घटना होने पर संपूर्ण जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी। आमरण अनशन में पिंकी गंगवार , पुष्पा देवी , कृष्षा देवी , प्रेमवती , ललित कुमार और आकाश कुमार शमिल रहे।
