अमित शाह के इस्तीफे तक विरोध जारी रहेगा : ललित फर्स्वाण पूर्व विधायक
बागेश्वर । कांग्रेस नेता व पूर्व विधायक ललित फर्स्वाण ने कहा कि मोदी सरकार संविधान निर्माता डॉ. भीमराव आंबेडकर के अपमान को अपराध मानने को तैयार नहीं है। मोदी अमित शाह को सलाह देने के बजाए आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति कर रहे हैं। इस नीति को अब लोग समझने लगे हैं। इसका खामियाजा उन्हें निकाय व पंचायत चुनाव में भुगनता पड़ेगा। पार्टी कार्यालय में सोमवार को आयोजित पत्रकार वार्ता में उन्होंने यह बात कही। फर्स्वाण ने कहा कि 18वीं लोकसभा के शीतकालीन सत्र में सत्तारूण भाजपा ने संविधान और संविधान निर्माता बाबा साहेब आंबेडकर के अपमान के लिए देश के संसदीय इतिहास में दर्ज हो गया है। बीजेपी हमेशा से लोकतंत्र और संवैधानिक मूल्यों के प्रति तिरस्कार दिखाने का कोई मौका नहीं छोड़ती। इस बार उन्होंने सारी हदें तोड़ दी हैं। संविधान के 75 साल पूरे होने पर कांग्रेस समेत इंडिया गठबंधन के दलों ने संसद में सरकार से संविधान पर चर्चा की मांग रखी। अडानी, मणिपुर व संभल जैसे मामलों पर संसद में बहस की मांग लगातार ठुकराए जाने के बाद प्रतिपक्ष् की संविधान पर चर्चा की मांग मान ली गई। इस मौके पर कांग्रेस समेत सभी दलों ने सरकार को लोकतांत्रिक और संवैधानिक मूल्यों की प्रतिबद्धता याद दिलाई, समता, समानता और न्याय के डॉ. आंबेडकर के आदर्शों पर चलने की सलाह बीजेबी को रास नहीं आई। सत्तापक्ष ने विपक्ष को बोलने से रोकने की कोशिश की गई। केंद्रीय गृह मंत्री अमित साह ने आंबेडकर का अपमान कर बीजेपी की मनुवादी मानसिकता उजागर कर दी। उन्होंने कहा कांग्रेस अमित शाह के इस्तीफे की मांग पर अटल है। जब तक वह इस्तीफा नहीं देंगे उनका विरोध जारी रहेगा। इस मौके पर पूर्व जिलाध्यक्ष लोकमणि पाठक, राजेंद्र परिहार आदि मौजूद रहे।
