जनसेवा को प्राथमिकता दे अधिकारी : डीएम
बागेश्वर । जिलाधिकारी आशीष भटगांई ने कलेक्ट्रेट सभागार में राजस्व स्टाफ की मासिक समीक्षा बैठक ली। जिलाधिकारी ने बैठक में राजस्व व रेगुलर पुलिस, खनन, परिवहन, आबकारी विभाग, दैवीय आपदा व राजस्व वसूली आदि के तहत अद्यावधि तक की गई कार्रवाई एवं उपलब्धि की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। राजस्व के साथ ही निकायों के अधिकारियों को वसूली में प्रगति लाने के निर्देश दिए।
जिला आपूर्ति विभाग, वाणिज्य कर विभाग,शहरी स्थानीय निकाय और श्रम विभाग की कार्यप्रणाली एवं आंकड़ों की समीक्षा करते हुएजिलाधिकारी ने कहा कि प्रशासनिक कार्यों का सीधा लाभ आम जनता तक पहुंचे और किसी भी जरूरतमंद को उसका अधिकार मिलने में देरी न हो।श्रम विभाग की समीक्षा के दौरान श्रमिकों के कल्याण को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की गई। जिला अधिकारी ने सख्त निर्देश दिए कि श्रमिकों को मिलने वाले टूलकिट्स एवं अन्य संसाधनों का वितरण पूरी पारदर्शिता के साथ किया जाए, ताकि वास्तविक लाभार्थियों तक यह सुविधाएं पहुंचे। उन्होंने कहा कि “श्रमिक हमारे समाज की रीढ़ हैं, और हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि कोई भी मेहनतकश व्यक्ति सरकारी योजनाओं से वंचित न रहे।” इसी उद्देश्य से श्रमिक कल्याण योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए पूर्व नियोजित शिविरों का आयोजन करने के निर्देश दिए गए। साथ ही, ई-हैंगआउट्स (डिजिटल नोटिस) जारी करने पर जोर दिया गया, ताकि प्रत्येक श्रमिक और संबंधित हितधारक तक जानकारी समय पर पहुंचे। जिलाधिकारी ने लंबित शिकायतों पर त्वरित कार्यवाही कर निस्तारण करने के निर्देश दिए।
उन्होंने सूचना के अधिकार अधिनियम (आरटीआई) के तहत अधिकारियों को निर्देशित किया कि विभागीय सूचनाओं का सक्रिय रूप से निस्तारण किया जाए, जिससे जनता को उनकी मांग के अनुसार जानकारी समय पर मिले और सरकारी कार्यों में पारदर्शिता बनी रहे। जिलाधिकारी ने सभी विभागों को जनता की सेवा को प्राथमिकता देने की हिदायत दी। उन्होंने कहा कि “प्रशासन का असली उद्देश्य तभी पूरा होता है जब आम नागरिक को बिना किसी परेशानी के सरकारी योजनाओं का लाभ मिले। हमें जनता की समस्याओं को जमीनी स्तर पर समझकर समाधान निकालना होगा।” उन्होंने अधिकारियों से समर्पण और संवेदनशीलता के साथ कार्य करने का आह्वान किया, ताकि प्रशासनिक सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार हो और जनता को सुगम, पारदर्शी एवं प्रभावी सेवाएं मिल सकें।
जिलाधिकारी ने तहसील स्तर आयोजित कोर्ट, दायर और निस्तारित वाद की जानकारी लेते हुए तहसील स्तर पर नियमित कोर्ट लगाने व लंबित वादों को प्राथमिकता पर निस्तारित करने के निर्देश दिए। कहा कि आयोग से संबंधित शिकायती पत्रों का समय पर निस्तारण किया जाए। न्यायालयों में फौजदारी अपील, विशेष सत्र परीक्षण सहित राजस्व के लंबित पुराने वादों का प्राथमिकता पर निस्तारण करें। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि विविध देयकों की प्राथमिकता पर वसूली करते हुए निर्धारित लक्ष्य हासिल किया जाए। वाहनों की ओवर स्पीड, ओवर लोडिंग, नशा करके वाहन का संचालन आदि अभियोग में पुलिस व राजस्व अधिकारियों के साथ संयुक्त चेकिंग करके चालान में प्रगति लाने के निर्देश दिए। तहसील स्तर पर विस्थापन संबंधी कार्यो में गति लायी जाय। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि सेवा का अधिकार अधिनियम के तहत सभी प्रकार के प्रमाण पत्रों का निर्धारित अवधि में निर्गत करना सुनिश्चित करें। बैठक में राजस्व पुलिस में लम्बित वाद, वाणिज्य कर, स्टांप तथा निबंधन, खनन, आबकारी, ऑडिट आपत्ति, पेंशन प्रकरण, शिकायत प्रकोष्ठ आदि प्रकरणों की भी समीक्षा करते हुए समयबद्ध तरीके से निस्तारण करने के निर्देश दिए।
बैठक में अपर जिलाधिकारी एनएस नबियाल, उपजिलाधिकारी मोनिका, जितेंद्र वर्मा, अनुराग आर्या, अभियोजन अधिकारी सीमा भेतवाल, प्रभारी सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी हरीश रावल, शासकीय अधिवक्ता बसंत बल्लभ पाठक, जीपी उपाध्याय समेत अन्य अधिकारी व पटल सहायक मौजूद थे।
