March 7, 2026

अपडेट : जहरीली शराब से मौत मामले में एसएसपी ने किया एसओ, चैकी प्रभारी व बीट अधिकारी निलंम्बित

हरिद्वार (  आखरीआंख समाचार )  भगवानपुर थाना क्षेत्रान्तर्गत तेहरवीं के दौरान जहरीली शराब पीने से करीब 13 लोगों की मौत हो गयी। जबकि अपुष्ट जानकारी के अनुसार मरने वाले लोगों को आकंडा ओर अधिक हो सकता है। वहीं कई ग्रामीणों को बेहोशी की हालत में उपचार के लिए निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस घटना से प्रशासन में हड़कम्प मच हुआ हैं।
सूचना मिलते ही जिलाधिकारी दीपक रावत व एसएसपी जन्मेजय प्रभाकर खंडूरी ने मौके पर पहुंचकर पीडित परिवरों सहित ग्रामीणों से पूछताछ की। घटना की सूचना मिलते ही विभिन्न नेताओं का वहां पहुंचने का सिलसिला जारी है। जिन्होंने पीडित परिवरों से मुलाकात कर उनको हर सम्भव मदद पहुंचवाने का भरोसा दिलाया है। वहीं आबकारी आयुक्त की ओर से कड़ी कार्यवाही करते हुए आबकारी निरीक्षक सहित 13 लोगों को सस्पेंड कर दिया गया है। एसएसपी ने भी झबरेडा थाना एसओ व इकबालपुर चैकी प्रभारी सहित बीट अधिकारियों को निलंम्बित किया है। जबकि डीएम ने घटना की मजिस्ट्रीयल जांच के आदेश दिये है। प्राप्त जानकारी के अनुसार बीते दिन भगवानपुर थाना क्षेत्र स्थित एक गांव में तेहरवीं थी, जिसमें हिस्सा लेने के लिए आसपास गांवों बालुपुर, बिन्दुखडक, भलस्वागाज व जहाजगढ सहित यूपी से सटे गांवों के लोग भी शामिल हुए।
बताया जा रहा हैं कि तेहरवीं में पहुंचे लोगों को कच्ची शराब परोसी गयी। जिसको पीने के बाद रात से ही लोगों की तबीयत बिगड़ने लगी और मौत का सिलसिला शुरू हो गया। जोकि सुबह तक जारी रहा, इस बात की जानकारी लगते ही गांवों में अफरा-तफरी मच गयी। बताया जा रहा हैं कि एक दर्जन लोगों की मौत हो गयी और कई ग्रामीणों को उपचार के लिए निजी व सरकारी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। जहरीली शराब पीकर मरने वालों की संख्या एक दर्जन की पुष्टि प्रशासन ने की है। लेकिन अपुष्ट जानकारी के अनुसार प्रशासन द्वारा जारी किये गये मरने वालों का आकंडा कई अधिक है। जबकि यूपी के सहारनपुर के आसपास के गांव के लोगों की भी मौत की बात कही जा रही है। जिनके आकंडों की पुष्टि नहीें हो पा रही है। इस घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन में हड़कम्प मच गया। सूचना पर डीएम दीपक रावत, एसएसपी जन्मेजय खण्डूरी मौके पर पहुंचे। और मृतक के परिजनों से पूरे मामले की जानकारी ली है। उन्होंने मृतक के परिजनों को आश्वस्त किया है कि पूरे मामले की जांच कराई जा रही है। रिपोर्ट आने के बाद आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। बताया जा रहा हैं कि जिलाधिकारी दीपक रावत को गांव के कुछ लोगों ने बताया कि कच्ची शराब का उत्पादन गांव में ही हो रहा है, इसी शराब के पीने से ग्रामीणों की मौत हुई है। ग्रामीणों ने बताया कि कच्ची शराब पीने के बाद रात में मौत का सिलसिला शुरू हो गया था, जो सुबह तक जारी रहा। बताया जा रहा हैं कि डीएम दीपक रावत ने ग्रामीणों से यह जानने की कोशिश की कि जो गांव में कच्ची शराब का उत्पादन हो रहा है। इस संबंध् में उनके द्वारा क्या कभी थाना व चैकी पुलिस को शिकायत की गयी थी? क्या आबकारी विभाग को भी कभी सूचना दी गई है या नहीं? यदि दी गई है तो क्या कार्रवाई हुई है। बताया जा रहा हैं कि मुख्यमंत्री के सलाहकार प्रोफेसर नरेंद्र सिंह, भाजपा नेता सुबोध् राकेश, विधायक ममता राकेश क्षेत्र के अन्य तमाम नेताओं ने गांव में पहुंचकर घटना पर दुख जताया और मृतक के परिजनों को सांत्वना दी है। नेताओं ने भरोसा दिलाया कि उन्हें हर स्तर पर मदद की जाएगी। इस घटना की गुंज देहरादून राजधानी में भी सुनी गयी। जहरीली शराब पीने से एक दर्जन लोगों की मौत को गम्भीरता से लेते हुए अपर आबकारी आयुक्त अर्चना गहरबार ने आबकारी निरीक्षक सहित 13 कर्मियों को तत्काल निलंम्बित करते हुए उनको मुख्यालय देहरादून अटेज किया गया है। एसएसपी जन्मेजय खण्डूरी की ओर से भी इकबालपुर चैकी प्रभारी व झबरेडा थाना एसओ सहित बीट अधिकारियों के खिलाफ निलंम्बन की कार्यवाही की गयी है। डीएम दीपक रावत ने घटना मजिस्ट्रीयल जांच के आदेश दिये है और जांच का जिम्मा अपर जिलाधिकारी वित्त एसवं राजस्व को साौपा गया है।