दमुवाढूंगा के लोगों को अवैध घोषित करने का प्रयास : सुमित हृदयेश
हल्द्वानी. । दमुवाढूंगा क्षेत्र की खाली पड़ी जमीनों पर सरकारी कब्जे की कवायद का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। सोमवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत से मुलाकात कर विरोध जताया। इस दौरान हल्द्वानी विधायक सुमित हृदयेश, कांग्रेस महानगर अध्यक्ष गोविन्द सिंह बिष्ट एवं दमुवाढूंगा के वरिष्ठ नागरिकों के एक प्रतिनिधिमंडल ने कमिश्नर को ज्ञापन भी सौंपा। इस दौरान विधायक सुमित हृदयेश ने कहा कि वर्ष 2016 में दमुवाढूंगा क्षेत्र को बंदोबस्ती राजस्व ग्राम घोषित किया गया था। शासनादेश के अनुसार यहां पारंपरिक रूप से निवास कर रहे नागरिकों को भूमिधरी अधिकार दिए जाने थे, परंतु वर्तमान प्रशासन द्वारा उन्हीं निवासियों की भूमि को अवैध घोषित कर उन्हें डराने, धमकाने और बेदखल करने के प्रयास किए जा रहे हैं। यह कृत्य न केवल अनुचित और अवैधानिक है, बल्कि मानवीय दृष्टिकोण से भी निंदनीय है। वहीं, महानगर अध्यक्ष एडवोकेट गोविन्द सिंह बिष्ट ने भी आयुक्त से आग्रह किया कि वर्ष 2016 में दमुवाढूंगा को राजस्व ग्राम घोषित किए जाने के बाद आरक्षित वन क्षेत्र से अनारक्षित भूमि पर पारंपरिक रूप से बसे नागरिकों को मौके और कब्जे के आधार पर नियमित किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि किसी भी बाहरी व्यक्ति द्वारा क्षेत्र में अवैध कब्जा करने का प्रयास किया गया, तो सभी क्षेत्रवासी इसका विरोध करेंगे। वार्ता के बाद कमिश्नर ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि किसी भी निर्दोष व्यक्ति को बेवजह परेशान नहीं किया जाएगा और सभी को अपने कब्जे के साक्ष्य प्रस्तुत करने का पूरा अवसर प्रदान किया जाएगा।
