March 6, 2026

हरेला पर्व और नदी महोत्सव को लेकर प्रशासन सक्रिय

बागेश्वर। जिलाधिकारी आशीष भटगांई की अध्यक्षता में शनिवार को कलेक्ट्रेट सभागार में हरेला पर्व और नदी महोत्सव की तैयारियों को लेकर समीक्षा बैठक आयोजित की गई। उन्होंने कहा कि हरेला पर्व सिर्फ एक त्योहार नहीं बल्कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक जनआंदोलन है, जिसमें जनसहभागिता अत्यंत आवश्यक है। इस अवसर पर अधिकारियों को समन्वय के साथ अधिकतम वृक्षारोपण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

जिलाधिकारी ने बताया कि इस वर्ष जनपद में 50,000 पौधे लगाए जाएंगे, जिनमें 50 प्रतिशत फलदार पौधे होंगे। ग्रामीण क्षेत्रों में ग्राम्य विकास विभाग, शहरी क्षेत्रों में नगर निकाय और वन क्षेत्रों में वन विभाग वृक्षारोपण की जिम्मेदारी निभाएंगे। कार्यक्रम का उचित फोटोग्राफी और डॉक्यूमेंटेशन किया जाएगा। एनएसएस, एनसीसी, स्कूली छात्र-छात्राओं और आमजन को इस अभियान में जोड़ा जाएगा। साथ ही विद्यालयों में निबंध प्रतियोगिताएं भी कराई जाएंगी।

बैठक में नदी महोत्सव की तैयारियों की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने कहा कि यह आयोजन केवल सांस्कृतिक गतिविधि न होकर नदी संरक्षण, जल स्रोतों के पुनर्जीवन और पर्यावरण के प्रति जागरूकता का माध्यम है। उन्होंने स्कूल, कॉलेज और पंचायत स्तर पर जागरूकता रैलियाँ, नदी किनारे पदयात्राएँ, सफाई अभियान और प्लास्टिक मुक्त गतिविधियाँ आयोजित करने के निर्देश दिए।

प्रभागीय वनाधिकारी ध्रुव मर्तोलिया ने बताया कि नदी महोत्सव का आयोजन 16 जुलाई को प्रातः 9 बजे बैजनाथ मंदिर परिसर में किया जाएगा। बैठक में एडीएम एन.एस. नबियाल, परियोजना निदेशक शिल्पी पंत, जिला विकास अधिकारी संगीता आर्या सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे ।