March 8, 2026

सरेआम लूट का अड्डा बना गरुड़ का देशी शराब ठेका, 155 की बीयर 180 में—प्रशासन मौन

filter: 0; fileterIntensity: 0.0; filterMask: 0; captureOrientation: 180; brp_mask:0; brp_del_th:null; brp_del_sen:null; delta:null; module: photo;hw-remosaic: false;touch: (-1.0, -1.0);sceneMode: 8;cct_value: 0;AI_Scene: (-1, -1);aec_lux: 0.0;aec_lux_index: 0;albedo: ;confidence: ;motionLevel: -1;weatherinfo: null;temperature: 41;

अर्जुन राणा
बागेश्वर गरुड । जनपद के गरुड़ बाजार में संचालित देशी शराब ठेका इन दिनों ओवररेटिंग का खुला अड्डा बन गया है। निर्धारित रेट से अधिक दामों पर शराब और बीयर की बिक्री धड़ल्ले से की जा रही है, लेकिन जिला प्रशासन और आबकारी विभाग आंखें मूंदे हुए हैं।

स्थानीय निवासियों और ग्राहकों का कहना है कि दुकान पर 155 रुपये की बीयर जबरन 180 रुपये में बेची जा रही हैं । दरवाजे पर तो रेट लिस्ट चस्पा है, लेकिन अंदर दुकानदार मनमाने दाम वसूल रहा है।

ग्राहकों ने बताया कि जब वे रेट से अधिक वसूली का विरोध करते हैं, तो उन्हें डराया धमकाया जाता है। साफ शब्दों में कह दिया जाता है कि “जो लेना है लो, नहीं तो निकलो।” ऐसे में गरीब और मजदूर वर्ग के लोग सबसे ज्यादा शोषण का शिकार हो रहे हैं।

प्रशासन और विभागों की चुप्पी पर सवाल

बड़ा सवाल यह उठता है कि आखिर आबकारी विभाग और जिला प्रशासन इस खुलेआम लूट पर चुप क्यों है? क्या यह सब उनकी मिलीभगत से हो रहा है या विभागीय लापरवाही का परिणाम है?

ग्रामीणों का आरोप है कि यह ठेका हर साल राजनीतिक रसूख वालों को ही मिलता है और इसलिए इन पर कोई कार्यवाही नहीं होती।

जनता की मांग – हो कार्रवाई

स्थानीय लोगों ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और जिलाधिकारी बागेश्वर से मांग की है कि:

गरुड़ ठेके की जांच करवाई जाए

ओवररेटिंग करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए

दुकान पर रेट लिस्ट के साथ QR कोड या शिकायत नंबर भी अनिवार्य किया जाए

आबकारी विभाग के अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाए

अंत में

उत्तराखंड जैसे शांत और धार्मिक राज्य में यदि सरकार की नाक के नीचे इस तरह से जनता को लूटा जा रहा है और प्रशासन मौन है, तो यह जनता के साथ विश्वासघात है। गरुड़ का यह देशी ठेका आज सिर्फ शराब नहीं, बल्कि प्रशासनिक लापरवाही और भ्रष्ट व्यवस्था का कड़वा प्रतीक बन चुका है।