January 30, 2026

भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष कौन होगा ,एक यक्ष प्रश्न?


भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ में यह आम राय नहीं बन पा रही है कि पार्टी का अध्यक्ष कौन होगा। यह एक यक्ष प्रश्न है और किसी भी एक व्यक्ति के हाथ में नहीं है कि वह फैसला कर सके । लेकिन जिन नेताओं के नाम सामने आए हैं उनको भी यह नहीं पता कि उनका नाम कहां से आया है। इस गुत्थी को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के सरकारवाह
दत्तात्रेय होशवले सुलझाने में लगे हैं। इस पद का चयन 2029 लोकसभा चुनाव से भी जुड़ा है।एक मुद्दा यह भी है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आगामी 17 सितंबर को 75 वर्ष के होने वाले हैं। संघ प्रमुख मोहन भागवत ने हाल ही में संघ प्रचारक स्व मोरोपंत पिंगले के समारोह में बोलते हुए कहा था कि राजनीति में अवकाश की आयु सीमा तय होनी चाहिए।इस संदेश से भारतीय जनता पार्टी में हड़कंप मच गया है।इस संदेश को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जोड़ा जा रहा है। ऐसा सुना जा रहा है कि लोकसभा सत्र से पहले राष्ट्रीय अध्यक्ष पद का चुनाव हो सकता है।
2024 में भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा ने कहा था कि अब हमें राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की जरूरत नहीं है। भारतीय जनता पार्टी सक्षम है लेकिन पार्टी के भीतर
संगठन मंत्रियों ने इस बयान को बचकाना माना था और किसी ने भी समर्थन नहीं किया था क्योंकि खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ही खंती विभाग प्रचारक रहे हैं। केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर, भूपेंद्र सिंह, धर्मेंद्र प्रधान, शिवराज सिंह चौहान, राजनाथ सिंह, और कई मुख्यमंत्री संघ के बकायदा दायित्व वान कार्यकर्ता रहे हैं। और इन नेताओं के नाम ही अध्यक्ष पद के लिए आ रहे हैं। बताया जाता है कि अब की बार राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ अपने स्तर पर मुख्यमंत्रियों से भी राय ले रहा है।संघ ने दत्तात्रेय होसबोले को राय देने की जिम्मेदारी दे रखी है। भारतीय जनता पार्टी चाहती है कि दक्षिण भारत से कोई नाम अंतिम दौर में पहुंचे । महिला के तौर पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, आंध्र प्रदेश से मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू की साली और एन टी रामाराव की पुत्री भाजपा नेत्री, केंदीय मंत्री पुरुदनरी का नाम भी शामिल है। लेकिन उत्तर भारत से हिंदी पट्टी से भी नाम पर सहमति बन सकती है।

भारतीय जनता पार्टी संजय जोशी के नाम को लेकर असमंजस में है वे केंद्रीय संगठन महासचिव भी उस समय रहे हैं जब स्व अटल बिहारी वाजपेई प्रधानमंत्री थे । संजय जोशी भी गुजरात से आते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संजय जोशी के बजाय बी अल संतोष के नाम को आगे बढ़ाने के इच्छुक हैं।संतोष भी वर्तमान में केंद्रीय संगठन महासचिव है। और राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के क्षेत्रीय प्रचारक रहे हैं, दक्षिण भारत से भी है। लेकिन राष्ट्रीय अध्यक्ष पद पर कोई बड़ा व्यक्तिव आसीन होने वाला है यह तय है।जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पसंद का भी हो सकता है। राष्ट्रीय अध्यक्ष बन
ना बड़ी जिम्मेदारी है। उत्तराखंड,दिल्ली, हरियाणा महाराष्ट्र गोवा ओड़िशा मेघालय मिजोरम नागालैंड त्रिपुरा मणिपुर, मप्र, राजस्थान, गुजरात, उत्तर प्रदेश,असम,में भारतीय जनता पार्टी की सरकार है जबकि आंध्र प्रदेश, बिहार, एनडीए सरकार है। उल्लेखनीय है कि भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष पद पर चुनाव तीन साल के लिए होता है और दो कार्यकाल से अधिक कोई भी चुना नहीं जा सकता है।
अब तक अटल बिहारी वाजपेई ही ऐसे नेता रहे हैं जो जनसंघ और भारतीय जनता पार्टी के लगभग आठ साल अध्यक्ष रहे हैं। उसके लालकृष्ण आडवाणी 4, वर्ष अध्यक्ष रहे। राजनाथ सिंह दो बार अलग अलग समय पर इस पद पर चुने गए हैं। वैंकैया नायडू, पी अनंत कुमार, कुशाभाऊ ठाकरे, के कृष्णमूर्ति, भी अध्यक्ष रहे हैं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, जेपी नड्डा,4,4 वर्ष अध्यक्ष पद चुने गए हैं।
पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऐसे नेता रहे जो जनसंघ के प्रथम संगठन महासचिव रहे और श्यामा प्रसाद मुखर्जी की मृत्यु के बाद अध्यक्ष बने। बलराज माधोक, सुंदर सिंह भंडारी,भी जनसंघ के अध्यक्ष रहे हैं। भारतीय जनता पार्टी 1984 के लोकसभा चुनावों में 02 सीटे ही जीत पाई थी। उसके बाद लालकृष्ण आडवाणी अध्यक्ष निर्वाचित हुए।1989 लोकसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी ने 86 लोकसभा जीतकर भारतीय राजनीति में अपना स्थान बनाया था।तब से भारतीय जनता पार्टी ने पीछे मुड़कर नहीं देखा।

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