गरुड़, द्योनाई -चौखुटिया मोटर मार्ग दे रहा बड़ी दुर्घटना को दावत, प्रशासन विभाग दोनों बेखबर !
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अर्जुन राणा
बागेश्वर गरुड । गरुड़-चौखुटिया मोटर मार्ग पर द्योनाई मार्केट और पोखरी गांव के बीच स्थित सड़क का हिस्सा बीते एक साल से भारी भू-स्खलन की चपेट में है, लेकिन आश्चर्यजनक रूप से आज तक इस पर कोई ठोस मरम्मत कार्य नहीं हुआ है। यह मार्ग पूरे क्षेत्र के लिए जीवनरेखा की तरह है, जो हजारों ग्रामीणों को जिला मुख्यालय, ब्लॉक कार्यालय व मुख्य बाजार से जोड़ता है। लेकिन आज यह सड़क दुर्घटना को खुला न्योता बन चुकी है।
यहां की पहाड़ी करीब एक साल पहले भारी बारिश के चलते दरक गई थी, जिससे सड़क का एक हिस्सा और उस पर लगी लोहे की बेरिकेड्स पूरी तरह टूटकर नदी की ओर लुढ़क गई। तब से अब तक विभागीय नजरअंदाजी का आलम यह है कि यह क्षतिग्रस्त हिस्सा न केवल यथावत बना हुआ है, बल्कि हर दिन और ज्यादा खतरनाक होता जा रहा है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, जिस दिन यह सड़क दरकी थी, उसी समय एक शवयात्रा की बस वहां से गुजर रही थी, जो बाल-बाल बची। अगर बस कुछ सेकेंड पहले वहाँ होती, तो दर्जनों लोगों की जान जा सकती थी। यह दुर्घटना एक चेतावनी थी, लेकिन लगता है लोक निर्माण विभाग (PWD) और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने इसे गंभीरता से नहीं लिया।
दोतरफा खतरा, कोई सुरक्षा नहीं
इस क्षतिग्रस्त मार्ग पर खतरा दोतरफा है — एक ओर ऊपर से किसी भी समय फिर से पहाड़ी का हिस्सा गिर सकता है, तो दूसरी ओर सड़क किनारे कोई रेलिंग या दीवार न होने के कारण जरा सी चूक में वाहन सीधा गहरी नदी में जा सकता है। इस क्षेत्र से रोज़ाना छोटे-बड़े सैकड़ों वाहन गुजरते हैं स्कूल बसें, एंबुलेंस, राशन वाहन, और स्थानीय लोगों की निजी गाड़ियां।
जनप्रतिनिधि और विभाग दोनों मौन
स्थानीय ग्रामीणों में गहरा आक्रोश है। उनका कहना है कि वे कई बार संबंधित अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को ज्ञापन दे चुके हैं, लेकिन अब तक न कोई सर्वे हुआ, न कोई ठोस कार्यवाही। “लगता है विभाग और नेतागण किसी बड़ी दुर्घटना का इंतजार कर रहे हैं,” एक स्थानीय निवासी ने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा।
मानव जीवन की अनदेखी
जहां एक ओर सरकार ‘सड़क सुरक्षा’ को लेकर बड़े-बड़े अभियान चला रही है, वहीं धरातल पर ऐसे हालात इन अभियानों की सच्चाई उजागर कर रहे हैं। इस मार्ग की बदहाली न सिर्फ प्रशासन की लापरवाही का प्रतीक है, बल्कि आमजन की जान की कीमत पर की जा रही अनदेखी भी है।
ग्रामीणों की मांग
ग्रामीणों ने तत्काल प्रभाव से इस मार्ग की मरम्मत, सुरक्षा दीवार का निर्माण और नियमित निगरानी की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई, तो वे सड़क जाम जैसे जनांदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे।
यह सिर्फ एक सड़क नहीं, पूरे क्षेत्र की जीवनरेखा है। इसे यूं ही टूटने और बहने नहीं दिया जा सकता।
