Advertisement
Advertisement
Advertisement
October 21, 2026

टनकपुर-बागेश्वर रेलवे लाइन की डीपीआर तैयार , लेकिन कोई तय समय सीमा नही : रेलवे मंत्री बैष्णव


देहरादून ।  उत्तराखंड में 170 किमी लंबी टनकपुर-बागेश्वर रेलवे लाइन का सर्वे पूरा हो गया है। इसकी डीपीआर तैयार हो गई है। यह जानकारी केंद्रीय रेलवे मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बुधवार को लोकसभा में नैनीताल सांसद अजय भट्ट की ओर से पूछे गए सवाल के जवाव में दी है। केंद्रीय रेलवे मंत्री ने बताया कि रेल परियोजना की लागत 48,692 करोड़ रुपए आंकी गई है। विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार होने के बाद परियोजना की स्वीकृति के लिए राज्य सरकारों सहित विभिन्न हितधारकों के साथ परामर्श और नीति आयोग, वित्त मंत्रालय से अनुमति लेना आवश्यक है, इसलिए कोई निश्चित समय-सीमा तय नहीं की जा सकती है। बताया कि उत्तराखंड में रेल अवसंरचना के लिए बजट आवंटन लगभग 25 गुना बढ़ा है। 2009-14 में 187 करोड़ प्रति वर्ष से बढ़कर 2025-26 में ₹4641 करोड़ बजट हो गया है। एक अप्रैल 2025 तक राज्य में 216 किलोमीटर लंबाई की तीन नई रेल लाइनों को 40,384 करोड़ की लागत से स्वीकृत किया गया है। देवबंद-रुड़की नई रेल लाइन पर तेजी से काम चल रहा है। इससे दिल्ली-देहरादून की दूरी लगभग 40 किमी कम हो जाएगी। ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन जो उत्तराखंड के हिमालयी भू-भाग से होकर गुजरने वाली एक महत्वपूर्ण परियोजना है, इसका काम भी तेजी से चल रहा है। 213 किमी की परिधि में से 199 किमी की टनलिंग का कार्य पूरा कर लिया गया है। —– अमृत भारत योजना में 11 स्टेशनों का पुनर्विकास रेल मंत्रालय ने बताया कि उत्तराखंड में 11 स्टेशनों को अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत पुनर्विकास के लिए चुना गया है, जिनमें देहरादून, हरिद्वार, हर्रावाला, काशीपुर, काठगोदाम, किच्छा, कोटद्वार, लालकुआं, रामनगर, रुड़की, टनकपुर शामिल है। साथ ही 2014-25 के बीच उत्तराखंड में 106 रोड ओवर ब्रिज, रोड अंडर ब्रिज बने और ₹158 करोड़ की लागत से 9 और इस तरह के ब्रिज स्वीकृत किए गए हैं।

Advertisement