और अब आपदा में पुलिस कप्तान ने संभाला मोर्चा
बागेश्वर । थाना कपकोट क्षेत्रान्तर्गत ग्राम पौंसारी, बैसानी में बीते 28 अगस्त की रात भारी बारिश के चलते अचानक बादल फटने व भूस्खलन की घटना हुई, जिससे गांव का जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया। प्राकृतिक आपदा के कारण कई मकानों के क्षतिग्रस्त होने के साथ-साथ कुछ मकानों के ध्वस्त होने की जानकारी मिली है, और गांव में भारी नुकसान हुआ है। स्थानीय प्रशासन को जैसे ही घटना की सूचना मिली, तत्काल आपदा राहत दलों को मौके के लिए रवाना कर दिया गया।
पुलिस अधीक्षक बागेश्वर, श्री चन्द्र शेखर घोडके, स्वयं घटना स्थल पर पहुंचे और रेस्क्यू कार्यों का मोर्चा संभाला। उनके साथ क्षेत्राधिकारी कपकोट, थाना कपकोट, एसडीआरएफ तथा फायर टीम भी सक्रिय रहकर घटनास्थल पर राहत और बचाव कार्यों में जुट गईं। पुलिस अधीक्षक महोदय लगातार मौजूद रहकर स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास कर रहे हैं, ताकि प्रभावित लोगों को यथाशीघ्र सहायता मिल सके।
घटनास्थल पर एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पुलिस, एवं राजस्व विभाग की टीमें मलवे में दबे लोगों को निकालने का प्रयास कर रही हैं। टीमों की त्वरित कार्रवाई से अब तक तीन व्यक्तियों को मलबे से निकाला गया है, जिसमें एक बालक को जीवित रेस्क्यू किया गया, जबकि दो अन्य लोगों को मृत अवस्था में बाहर निकाला गया। राहत एवं बचाव कार्य अभी भी जारी हैं और शेष लापता लोगों की खोजबीन की जा रही है।
रेस्क्यू किये गये जीवित व्यक्ति का नाम पवन सिंह पुत्र रमेश सिंह है, जिन्हें गंभीर अवस्था में मलबे से निकालकर प्राथमिक चिकित्सा दी जा रही है। मृतकों में बसंती देवी पत्नी रमेश चन्द्र जोशी और बछुली देवी के शव बरामद किये गये हैं। इनके परिवार और ग्रामीणों में शोक की लहर है, और प्रशासन प्रभावित परिवारों को हर सम्भव सहायता मुहैया करा रहा है।
इस आपदा के मद्देनजर जिलाधिकारी बागेश्वर व पुलिस अधीक्षक के दिशा निर्देशन में पुलिस, रेस्क्यू टीमों, प्रशासनिक विभाग, तथा विभिन्न राहत एजेंसियाँ सामूहिक रूप से राहत तथा बचाव कार्यों में जुटी हैं। लापता लोगों—पूरन चन्द्र जोशी, गिरीश चन्द्र जोशी और रमेश चन्द्र जोशी—की तलाश व अग्रिम राहत कार्यों की निगरानी सतत जारी है। स्थानीय प्रशासन द्वारा प्रभावितों के पुनर्वास एवं सहायता के लिए व्यापक प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि इस आपदा से निपटा जा सके और लोगों का जीवन सामान्य हो।
