जौनसार की 29 सड़कें बंद, ग्रामीणों की परेशानी बढ़ी
विकासनगर । भूस्खलन और मलबा आने से जौनसार-बावर के 14 मार्गों पर बुधवार को यातायात ठप रहा। लगातार मार्गों के बंद रहने से स्थानीय लोगों को कई परेशानियों से जूझना पड़ रहा है। जौनसार में कुल 29 सड़कें बंद होने से ग्रामीणों की परेशानी बढ़ गई है। मार्ग बंद होने के कारण करीब 130 गांवों मजरों की 60 हजार की आबादी परेशान है। जबकि पछुवादून के बिन्हार क्षेत्र की लाइफ लाइन कही जाने वाली लांघा-मटोगी सड़क पर वाहनों के पहिए जाम होने से 12 गांवों की आबादी बीते तीन दिनों से गांवों में ही कैद होकर रह गई है। बुधवार को त्यूणी-चकराता-रोहटा खड्ड राष्ट्रीय राजमार्ग और हिमाचल प्रदेश को जोड़ने वाले कोटी-इच्छाड़ी-क्वानू-मीनस मोटर मार्ग समेत ड्यूडलानी-चंदेऊ-कामला, कठंग-सोलंग-झिटाड़, कठंग-सोलंग-भाटगढ़ी, बनियाना मोटर मार्ग, कोठा बैंड-सैंज-चंदेऊ, जगथान मार्ग, गडोल-सकरौल, सुरेऊ-भंजरा, कलान खड्ड-डिमिच, हनोल-चातरा, कांडा-ट्यूटाड़, धौइरा-देऊ मोटर मार्ग पर वाहनों के पहिए जाम रहे। जबकि पछुवादून में कुल्हाल-धौलातप्पड़ मार्ग का बड़ा हिस्सा ध्वस्त हो गया है, जिससे ग्रामीणों की आवाजाही प्रभावित हुई है। मार्गों के बंद होने से ग्रामीण कई परेशानियों से जूझ रहे हैं। ब्लॉक और तहसील मुख्यालयों में अपने काम के सिलसिले में उनका जाना मुश्किल हो गया है। बुजुर्ग ग्रामीण पेंशन और जरूरी दवाइयां लेने के लिए छह से सात किमी की पैदल दूरी नाप रहे हैं। ग्रामीण पगडंडियों और कच्चे संपर्क मार्गों के भी क्षतिग्रस्त होने से ग्रामीणो की परेशानियों में इजाफा हो गया है।
इन मोटर मार्गों पर भी ठप रहा यातायात: लोक निर्माण विभाग प्रांतीय खंड देहरादून के लखस्यार-चुनोऊ-कामला, सराड़ी लिंक मार्ग, दादुवा-कितरौली, नराया-तोरली-अष्टाड़-मंगरौली मोटर मार्ग पर यातायात ठप रहा। लोनिवि चकराता के पीआरडी मोटर मार्ग, डिरनाड़-पुरटाड़ मार्ग, निनूस मार्ग, भूट गांव मार्ग, चकराता-लाखामंडल, खारसी मोटर मार्ग, बिरमऊ मार्ग, कोटी-कनासर-बिसनोई, क्यारा पुल और चेतु मोटर मार्ग पर भी वाहनो के पहिए जाम रहे।
लोक निर्माण विभाग के सभी डिवीजन के अधिकारियों को अपने मुख्यालय पर रहने के लिए निर्देशित किया गया है, विभाग पूरी तरह से प्रयासरत है कि बंद मार्गों को यथाशीघ्र खुलवाया जाए। लेकिन लगातार हो रही बारिश से मार्ग खोलने में समस्या आ रही है। काफी मार्गों को दोपहर तक खुलवा भी दिया गया था। – राजेंद्र चंद्र शर्मा, मुख्य अभियंता लोनिवि
