April 22, 2026

नन्ही परी को न्याय दिलाने निकाली जनआक्रोश रैली, कलक्ट्रेट का गेट जबरन खोल अंदर घुसे


पिथौरागढ़ ।   सीमांत में नन्ही परी को इंसाफ दिलाने को लेकर चल रहा आंदोलन अब उग्र होते जा रहा है। कैंडल मार्च, विरोध-प्रदर्शन के साथ ही आमजन मशाल लेकर सड़क पर उतर रहे हैं। शुक्रवार को लोगों ने जन आक्रोश रैली निकाल सरकार से नन्ही परी के लिए इंसाफ मांगा। पुलिस ने आक्रोशित लोगों को कलक्ट्रेट परिसर में घुसने से रोकने की कोशिश तो जबरन लोग गेट खोलकर अंदर घुस गए। नगर के रामलीला मैदान सदर में बड़ी संख्या में महिलाओं के साथ ही युवतियां, असम राइफल्स के पूर्व सैनिक, आमजन एकत्र हुए। इस दौरान यहां हुई सभा के दौरान वक्ताओं ने कहा कि मासूम के साथ हैवानियत करने वाले खुलेआम घुम रहे हैं। 11 साल के लंबे इंतजार के बावजूद नन्ही परी के दोषियों को सजा नहीं हो सकी है। कहा कि अब इसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है। नन्ही परी पूरे देश की बेटी है, जब तक उसे इंसाफ नहीं मिल जाता शांत नहीं बैठेंगे। उन्होंने सरकार से तय समय में पुनर्विचार याचिका दायर करने और याचिका की निगरानी के लिए एडिशनल एडवोकेट जनरल की अध्यक्षता में अनुभवी अधिवक्ताओं के पैनल गठित करने की मांग की। बाद में उन्होंने बाजार में जन आक्रोश रैली निकाली। रामलीला मैदान से शुरू हुई आक्रोश रैली सिमलगैर होते हुए केएमओयू स्टेशन, गुप्ता तिराहा होते हुए टकाना स्थित कलक्ट्रेट पहुंची। यहां कांग्रेस जिलाध्यक्ष अंजू लुंठी, महिला कांग्रेस अध्यक्ष भावना नगरकोटी, ज्योति धामी, राजेंद्र भट्ट सहित कई लोग मौजूद रहे।

जौलजीबी में नन्ही परी को इंसाफ दिलाने को प्रदर्शन
जौलजीबी में व्यापारियों, जनप्रतिनिधियों, आमजन ने नन्ही परी को न्याय दिलाने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। शुक्रवार को नन्ही परी को न्याय दो न्याय दो के नारे लगाते हुए लोगों ने आक्रोश जताया। साथ ही आवाजाही कर लोगों को पम्पलेंट बांटते हुए मासूम को न्याय दिलाने में सहयोग की अपील की। वक्ताओं ने कहा कि जब तक उत्तराखंड सरकार रिव्यू पीटिशन दायर नहीं करती उनका प्रदर्शन जारी रहेगा।