January 30, 2026

क्या आपकी कॉल भी हो रही है रिकॉर्ड? प्राइवेसी का है सवाल! इन आसान तरीकों से तुरंत लगाएं पता

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नई दिल्ली । क्या आपको भी कॉल पर बात करते हुए कई बार यह आभास होता है कि कोई आपकी बातें रिकॉर्ड (ष्टड्डद्यद्य क्रद्गष्शह्म्स्र) तो नहीं कर रहा? यह सवाल अब पहले से कहीं ज़्यादा ज़रूरी हो गया है। चाहे वह आपकी पर्सनल बात हो या ऑफिस की कोई सीक्रेट मीटिंग, कॉल रिकॉर्डिंग अब प्राइवेसी (क्कह्म्द्ब1ड्डष्4 ढ्ढह्यह्यह्वद्ग) का एक बड़ा मुद्दा बन चुका है।
लेकिन क्या हम सच में यह पता लगा सकते हैं कि हमारी कॉल रिकॉर्ड हो रही है या नहीं? आइए, जानते हैं कुछ आसान तरीके जिनसे आप यह अंदाज़ा लगा सकते हैं।
1. ‘बीपÓ या ‘इकोÓ की आवाज पर दें ध्यान: अगर आपको कॉल के दौरान हल्की-सी ‘बीपÓ (क्चद्गद्गश्च), क्लिक्स या आपकी ही आवाज गूंजने (श्वष्द्धश) जैसी आवाजें सुनाई दे रही हैं, तो यह एक बड़ा संकेत हो सकता है। कई रिकॉर्डिंग ऐप्स या डिवाइस ऑडियो ट्रांसमिट करते समय इस तरह का माइक्रो-नॉइज़ पैदा करते हैं।
2. ऐप्स परमिशन की करें जांच: आजकल कई फोन में इन-बिल्ट रिकॉर्डिंग फीचर आता है, लेकिन कुछ लोग थर्ड-पार्टी ऐप्स का भी इस्तेमाल करते हैं। अपने फोन की सेटिंग्स में जाकर यह जरूर चेक करें:
स्द्गह्लह्लद्बठ्ठद्दह्य ? ्रश्चश्चह्य ? क्कद्गह्म्द्वद्बह्यह्यद्बशठ्ठह्य ? रूद्बष्ह्म्शश्चद्धशठ्ठद्ग ्रष्ष्द्गह्यह्य पर जाएं।
यहां देखें कि किन-किन ऐप्स को माइक्रोफोन इस्तेमाल करने की परमिशन मिली है। अगर कोई ऐसा अनजान ऐप दिखे, जिसे आपको याद नहीं, तो उसे तुरंत हटा दें।
3. नोटिफिकेशन पैनल को न करें इग्नोर: कई एंड्रॉयड फोन्स (जैसे सैमसंग, शाओमी, रियलमी या वनप्लस) में जब कॉल रिकॉर्ड होती है, तो स्क्रीन पर ‘क्रद्गष्शह्म्स्रद्बठ्ठद्द स्ह्लड्डह्म्ह्लद्गस्रÓ या ‘क्रद्गष्शह्म्स्रद्बठ्ठद्द ह्रठ्ठÓ जैसा एक छोटा नोटिफिकेशन आता है। हालांकि, एक्सपर्ट्स का मानना है कि कुछ मॉडिफाइड या क्रैक्ड ऐप्स से इसे छिपाया भी जा सकता है, इसलिए इस पर 100त्न भरोसा नहीं किया जा सकता।
4. आईफोन (द्बक्कद्धशठ्ठद्ग) में वॉर्निंग: पहले द्बक्कद्धशठ्ठद्ग में थर्ड पार्टी कॉल रिकॉर्डिंग ऐप्स बहुत लिमिटेड थीं, लेकिन अब नए वज़र्न में कॉल रिकॉर्डिंग फीचर आ चुका है। ऐसे में कॉल रिकॉर्डिंग शुरू होने पर मिलने वाली वॉर्निंग पर जरूर ध्यान दें।
5. नेटवर्क में बार-बार गड़बड़ी: कुछ टेक एक्सपर्ट्स के मुताबिक, अगर कॉल के दौरान बार-बार नेटवर्क फ्लक्चुएशन (हृद्गह्ल2शह्म्द्म स्नद्यह्वष्ह्लह्वड्डह्लद्बशठ्ठ) या आवाज में अचानक से डिले (ष्ठद्गद्यड्ड4) महसूस हो, तो यह भी रिकॉर्डिंग सिस्टम का एक साइड इफेक्ट हो सकता है। हालांकि, यह हर बार सही नहीं होता, लेकिन अगर यह पैटर्न बार-बार हो रहा है, तो सतर्क रहना बेहतर है।
6. एन्क्रिप्टेड कॉल्स में स्क्रीन रिकॉर्डिंग का खतरा: भले ही ङ्खद्धड्डह्लह्य्रश्चश्च जैसी ऐप्स की कॉल्स एंड-टू-एंड एन्क्रिप्टेड होती हैं (यानी बीच में कोई रिकॉर्ड नहीं कर सकता), लेकिनज् अगर सामने वाला व्यक्ति स्क्रीन रिकॉर्डिंग (स्ष्ह्म्द्गद्गठ्ठ क्रद्गष्शह्म्स्रद्बठ्ठद्द) ऑन कर ले, तो आपकी कॉल रिकॉर्ड हो सकती है। इसलिए, किसी भी ऐप

र कॉल के दौरान बैकग्राउंड में चल रहे नोटिफिकेशन आइकन या रिकॉर्डिंग सिम्बल पर जरूर ध्यान दें।
7. प्राइवेसी डैशबोर्ड है काम का: एंड्रॉयड 12 (्रठ्ठस्रह्म्शद्बस्र 12) और उसके बाद के वज़र्न में ‘प्राइवेसी डैशबोर्डÓ (क्कह्म्द्ब1ड्डष्4 ष्ठड्डह्यद्धड्ढशड्डह्म्स्र) नाम का शानदार फीचर आता है। यहां आप देख सकते हैं कि पिछले 24 घंटों में कब और किस ऐप ने आपका माइक्रोफोन या कैमरा इस्तेमाल किया। अगर कोई ऐप बिना वजह माइक्रोफोन ऑन कर रहा है, तो उसे हटा देना ही बेहतर है।
हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि कोई भी तरीका 100त्न पक्का (स्नशशद्यश्चह्म्शशद्घ) नहीं होता है, लेकिन ऊपर बताए गए ये तरीके आपकी डिजिटल सेफ्टी को बढ़ा सकते हैं और आपको पहले से ज्यादा सतर्क रहने में मदद कर सकते हैं।
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