January 29, 2026

नववर्ष की शुभकामनाएं

अर्जुन राणा

नववर्ष केवल कैलेंडर का पन्ना पलटने का नाम नहीं है, यह समाज और व्यक्ति—दोनों के आत्ममंथन का अवसर है। बीता हुआ वर्ष अपने साथ उपलब्धियाँ, असफलताएँ, संघर्ष और सबक छोड़ जाता है। नए साल की पहली सुबह हमें यह सोचने का मौका देती है कि हमने क्या पाया, क्या खोया और आगे की राह कैसी होनी चाहिए। यही क्षण भविष्य की दिशा तय करने वाला होता है।
पिछले वर्ष ने हमें सिखाया कि दुनिया जितनी तेज़ी से बदल रही है, उतनी ही तेजी से हमें अपने विचार और प्राथमिकताएँ भी बदलनी होंगी। तकनीक ने जीवन को आसान बनाया, लेकिन रिश्तों की गर्माहट को बनाए रखना एक चुनौती बन गया। आर्थिक प्रगति के साथ-साथ सामाजिक संतुलन और मानवीय संवेदनाओं की रक्षा भी उतनी ही जरूरी है—यह समझ नववर्ष की सबसे बड़ी सीख हो सकती है।
नववर्ष का अर्थ केवल व्यक्तिगत संकल्पों तक सीमित नहीं रहना चाहिए। एक समाज के रूप में भी हमें यह तय करना होगा कि हम किस दिशा में बढ़ना चाहते हैं। क्या हम केवल आंकड़ों और उपलब्धियों पर गर्व करेंगे, या समानता, न्याय और अवसर की बात भी उतनी ही गंभीरता से करेंगे? नए साल की शुरुआत इसी सामूहिक जिम्मेदारी के बोध से होनी चाहिए।
आज देश के सामने चुनौतियाँ भी हैं और संभावनाएँ भी। युवाओं की ऊर्जा, किसानों का परिश्रम, श्रमिकों का पसीना और महिलाओं की बढ़ती भागीदारी—ये सभी मिलकर भविष्य की नींव रखते हैं। आवश्यकता इस बात की है कि नीतियाँ और निर्णय जनता की आवाज़ से जुड़ें, ताकि विकास का लाभ अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक पहुँच सके।
नववर्ष हमें यह भी याद दिलाता है कि असहमति लोकतंत्र की ताकत है और संवाद उसका आधार। मतभेदों को टकराव में बदलने के बजाय, समाधान की ओर ले जाना ही परिपक्व समाज की पहचान है। अगर नया साल हमें थोड़ा और सहनशील, थोड़ा और जिम्मेदार नागरिक बना दे, तो यही उसकी सबसे बड़ी सफलता होगी।
अंततः नववर्ष आशा का नाम है। यह विश्वास कि आने वाले दिन बेहतर हो सकते हैं—यदि हम ईमानदारी से प्रयास करें। नए साल की शुभकामनाएँ तभी सार्थक होंगी, जब वे शब्दों से निकलकर कर्म में बदलें। आइए, इस नववर्ष पर हम केवल नया साल नहीं, बल्कि नई सोच, नया साहस और नया संकल्प भी।

नववर्ष पर आपके आखरीआंख के सुधि पाठकों स्नेहिल मित्रों को बहुत 2 शुभकामनाएं।